कृष्णागिरी में एक सरकारी स्कूल में तीन शिक्षकों ने 13 वर्षीय छात्रा का यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने पोक्सो के तहत मामला दर्ज करके तीनों शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया। शिक्षा विभाग ने तीनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं लोगों ने आक्रोश जताया। साथ ही छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया।
तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले से चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल में तीन शिक्षकों ने 13 वर्षीय छात्रा का यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने पोक्सो के तहत मामला दर्ज करके तीनों शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया। शिक्षा विभाग ने तीनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं घटना सामने आने के बाद लोगों ने आक्रोश जताया। साथ ही छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया।
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जिले के एक स्कूल में पढ़ने वाले 13 वर्षीय छात्रा लंबें समय से स्कूल नहीं जा रही थी। इसके बाद स्कूल के शिक्षक तीन फरवरी को उसकी लंबी अनुपस्थिति के बारे में पूछताछ करने के लिए छात्रा के घर गए थे। शिक्षकों को छात्रा के माता-पिता ने तीन शिक्षकों द्वारा यौन उत्पीड़न किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद स्कूल के शिक्षकों ने माता-पिता से पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा। मामले को जिला बाल संरक्षण इकाई ने भी उठाया।
पुलिस ने बताया कि स्कूल की प्रधानाध्यापिका और खंड शिक्षा अधिकारी ने पंचायत यूनियन मिडिल स्कूल के तीन शिक्षकों के खिलाफ मुकद्मा दर्ज कराया। इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी ने तीनों को निलंबित करने का आदेश दिया। पुलिस ने बताया कि दतीनों शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया है और 5 फरवरी को उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया। तीनों शिक्षकों से पूछताछ की जा रही है।
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विपक्ष ने सरकार को घेरा
घटना को लेकर एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने हैरानी जताई। उन्होंने डीएमके सरकार पर स्कूल परिसर में छात्राओं की सुरक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों के लिए अधिकतम सजा की मांग की। वहीं कृष्णागिरी के जिला कलेक्टर सी दिनेश कुमार ने कहा कि प्रभावित छात्र को परामर्श दिया जा रहा है।