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तैयारी: परीक्षा से पहले शिक्षकों-छात्रों का होगा टीकाकरण, आइसोलेशन केंद्र और उपचार की भी होगी व्यवस्था

Sun, 30 May 2021 07:17 PM IST
गौरव पाण्डेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षकों के टीकाकरण से पहले सभी राज्यों में वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता और शिक्षकों की संख्या को जांचा जा रहा है। वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर 18 साल और अधिक उम्र के छात्रों का भी परीक्षा से पहले कैंप लगातार टीकाकरण किया जा सकता है। वहीं, परीक्षा को लेकर तैयार किए गए स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकाल को बेहद सख्त बनाया जा रहा है। इसमें प्रत्येक स्कूल में आइसोलेशन सेंटर और प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था रहेगी।
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कोरोना वायरस टीकाकरण - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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देश में जारी कोरोना की दूसरी लहर के बीच राज्यों में 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं कैसे होंगी इसे लेकर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इधर, राज्यों के सुझावों के बाद 12वीं की बोर्ड परीक्षा से पहले सभी शिक्षकों और छात्रों का टीकाकरण करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से विचार विमर्श किया जा रहा है। राज्यों में विशेष शिविर लगाकर टीकाकरण करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

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जानकारी के अनुसार, सभी राज्यों ने बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के छात्रों के भी प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन की राय दी है। राज्यों का कहना है कि, सरकार ने जब 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की मंजूरी है तो इस उम्र के छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाई जानी चाहिए। इसके लिए सीबीएसई सहित प्रतियोगी परीक्षा वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को इसकी योजना बनाने का सुझाव दिया गया है। राज्यों के इस सुझावों पर दोनों एजेंसियो ने गंभीरता से इस दिशा में कार्य करना शुरु कर दिया है।

शिक्षा मंत्रालय शिक्षकों के वैक्सीनेशन को लेकर इसलिए भी गंभीर नजर आ रहा है क्योंकि यूपी में पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान शिक्षकों की मौत के मामला ने बेहद ही तूल पकड़ा था। ऐसे में सरकार परीक्षा ड्यूटी से पहले शिक्षकों को लेकर अब वह कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती है। इसी कारण ये सुनिश्चित किया जा रहे है की कैसे जल्दी से जल्दी शिक्षकों के वैक्सीनेशन किया जा सके। जिन राज्यों में शिक्षकों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है। ऐसे शिक्षकों के लिए ये योजना तैयार की जा रही है।
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हाल ही में 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री राज्य सरकारों के सभी शिक्षा मंत्रियों और सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। इस बैठक में सभी ने प्रस्ताव रखा कि 12वीं की परीक्षाएं आयोजित करवाना बहुत जरूरी है, क्योंकि इन परीक्षाओं से छात्रों का आगे का भविष्य तय होगा। इन परीक्षाओं के लिए 19 विषयों को चुना गया है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर के अलावा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, परीक्षा का आयोजन कराने वाले बोर्ड के अध्यक्ष, और परीक्षा नियंत्रण से जुड़ी अन्य संस्थाओं के अधिकारी मौजूद थे। केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त बैठक में 12 वीं बोर्ड की परीक्षा कराई जाए या नहीं और नहीं कराई जाए तो क्या रास्ता निकाला जाए, इस पर चर्चा हुई। हालांकि अभी तक परीक्षाएं कैसे होंगी इसे लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है

गौरतलब है कि, कोरोना के दूसरी लहर के चलते सभी राज्यों के शिक्षा बोर्डों, सीबीएसई, आईसीएसई ने 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं। इसके अलावा एनटीए समेत राष्ट्रीय परीक्षाओं का आयोजन करने वाली अन्य संस्थाओं ने भी परीक्षाएं स्थगित की हुई हैं।

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