नायडू ने तीन चेहरों पर जताया भरोसा
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आंध्र प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी ने अपने तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। टीडीपी प्रमुख और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने चिंतकायला विजय, भाष्यम रामकृष्ण और मौजूदा राज्यसभा सदस्य साना सतीश को पार्टी उम्मीदवार बनाया है। नायडू ने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में तीनों नेताओं को बी-फॉर्म सौंपे। इस फैसले को टीडीपी की नई राजनीतिक रणनीति और संगठन में वफादार नेताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
आखिर टीडीपी ने किन नेताओं पर लगाया दांव?
- टीडीपी ने जिन तीन नेताओं को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है, उनमें चिंतकायला विजय पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। विजय फिलहाल टीडीपी के प्रदेश महासचिव हैं और पहले तेलुगु युवथा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने अमेरिका और भारत के संस्थानों से पॉलिटिकल मैनेजमेंट और गवर्नेंस की पढ़ाई की है।
- दूसरे उम्मीदवार भाष्यम रामकृष्ण शिक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़े नाम माने जाते हैं। वे एक निजी शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष हैं, जिनके संस्थान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में चलते हैं। पार्टी के मुताबिक उन्होंने शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कई काम किए हैं। तीसरे उम्मीदवार साना सतीश पहले से राज्यसभा सदस्य हैं और पार्टी नेतृत्व ने उन पर एक बार फिर भरोसा जताया है।
क्या बोले उम्मीदवार और पार्टी नेता?
राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद चिंतकायला विजय ने चंद्रबाबू नायडू और आईटी मंत्री नारा लोकेश का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि मुश्किल समय में साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं को सम्मान जरूर मिलता है।विजय ने कहा कि वे राज्यसभा में पार्टी और आंध्र प्रदेश की आवाज मजबूती से उठाएंगे। वहीं पार्टी नेताओं का कहना है कि उम्मीदवारों के चयन में संगठन, शिक्षा और सामाजिक सेवा जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। टीडीपी इस चुनाव के जरिए एक मजबूत संदेश देना चाहती है कि पार्टी वफादार और सक्रिय नेताओं को आगे बढ़ाने में विश्वास रखती है।