फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रीन कार्ड पर अमेरिकी रोक: टीसीएस बोली- 15 हजार नौकरियां और देंगे; पाबंदी के बीच इतना भरोसा क्यों?

Fri, 09 Oct 2026 09:59 AM IST
राकेश कुमार एएनआई, मुंबई।

सार

अमेरिका ने कथित अनियमितताओं की जांच के बीच टीसीएस समेत आठ आईटी कंपनियों को पीईआरएम कार्यक्रम से निलंबित किया है। टीसीएस का कहना है कि पिछले दो वर्षों में इस कार्यक्रम के तहत उसके आवेदन इकाई के अंक में रहे हैं, इसलिए उसे अपनी भर्ती रणनीति और ग्राहकों के साथ कामकाज पर बड़े असर की उम्मीद नहीं है। कंपनी अगले पांच वर्षों में अमेरिका में 15 हजार अतिरिक्त लोगों को नौकरी देने की योजना पर कायम है। नैसकॉम ने भी आव्रजन और कुशल कर्मचारियों की आवाजाही को अलग-अलग मुद्दे बताया है।
 
विज्ञापन
टीसीएस का एलान - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका में ग्रीन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया पर रोक के बीच टीसीएस ने अपनी भर्ती योजना को लेकर स्थिति साफ की है। कंपनी का कहना है कि इस फैसले से उसकी अमेरिकी कार्ययोजना और ग्राहकों के साथ कामकाज पर असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। टीसीएस अगले पांच वर्षों में अमेरिका में 15 हजार और लोगों को नौकरी देने की योजना पर आगे बढ़ेगी।
विज्ञापन


अमेरिका की पाबंदी पर टीसीएस ने क्या कहा?
टीसीएस ने शुक्रवार को अमेरिकी सरकार की ओर से स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (पीईआरएम) पर की गई घोषणा पर प्रतिक्रिया दी। कंपनी ने कहा कि वह अमेरिकी श्रम विभाग के किसी भी निर्देश का पालन करेगी। टीसीएस के मुताबिक, अमेरिका में उसकी कार्ययोजना स्थानीय लोगों को नौकरी देने पर आधारित है। इसके लिए कंपनी परिसर में भर्ती की मजबूत व्यवस्था का भी इस्तेमाल करती है।

क्या अमेरिका में भर्ती बंद करेगी टीसीएस?
टीसीएस ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका में 15 हजार अतिरिक्त लोगों को नौकरी देने की अपनी योजना दोहराई है। कंपनी का कहना है कि इससे वहां उसके स्थानीय कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी। टीसीएस के अनुसार, अमेरिका में उसके 31 कार्यालय और डिलीवरी केंद्र हैं, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय कर्मचारी काम करते हैं।
विज्ञापन


टीसीएस को क्यों नहीं लग रहा बड़े असर का डर?
कंपनी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में पीईआरएम के तहत उसके आवेदनों की संख्या इकाई के अंक में रही है। इसी आधार पर टीसीएस को उम्मीद है कि कार्यक्रम से निलंबित किए जाने का उसकी भर्ती रणनीति और ग्राहकों के साथ कामकाज पर असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, कंपनी ने अमेरिकी श्रम विभाग के निर्देशों का पालन करने की बात कही है।

यह भी पढ़ें: अमेरिका में आईटी कंपनियों पर शिकंजा: वेंस बोले- विदेशी कर्मचारी ‘बंधुआ मजदूर’, भारतीय कंपनियों पर क्या असर?

पीईआरएम कार्यक्रम क्या है और इस पर रोक क्यों लगी?
पीईआरएम अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इसके तहत नियोक्ताओं को यह दिखाना होता है कि किसी विदेशी कर्मचारी को नौकरी देने से अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन, कामकाजी परिस्थितियों या रोजगार के अवसरों को नुकसान नहीं होगा। अमेरिकी सरकार ने कथित अनियमितताओं की जांच के बीच कई बड़ी आईटी कंपनियों को इस कार्यक्रम से निलंबित किया है।

किन-किन कंपनियों पर हुई कार्रवाई?
टीसीएस के अलावा इन्फोसिस, कॉग्निजेंट, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी और कैपजेमिनी का नाम भी इस कार्रवाई में शामिल है। अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने कहा कि इन कंपनियों से जुड़ी स्थायी श्रम प्रमाणन की नई या लंबित अर्जियों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। 

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी वीजा पर आने वाले कर्मचारियों को 'बंधुआ मजदूर' बताते हुए आरोप लगाया कि विदेशी कर्मचारियों के जरिए अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरियों और वेतन पर असर पड़ता है। वहीं, भारतीय आईटी उद्योग के संगठन नैसकॉम ने कहा कि आव्रजन और कुशल कर्मचारियों की आवाजाही दो अलग-अलग मुद्दे हैं। उसके मुताबिक, भारतीय आईटी कंपनियों ने एच-1बी वीजा पर निर्भरता घटाई है और अमेरिका में स्थानीय भर्ती बढ़ाई है।

ग्रीन कार्ड पर रोक से भड़कीं प्रमिला जयपाल
भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने ट्रंप प्रशासन के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका में कानूनी रूप से काम करने के लिए आने वाले प्रवासियों के रास्ते बंद होंगे और देश की नई तकनीक विकसित करने की क्षमता कमजोर पड़ेगी। ट्रंप प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट, टाटा, इन्फोसिस और विप्रो समेत आठ कंपनियों पर यह कार्रवाई की है। इस फैसले से एच-1बी वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे हजारों भारतीय तकनीकी पेशेवर प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जयपाल के बयान पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि क्या समाजवाद का मतलब बड़ी कंपनियों को लगातार सस्ते कर्मचारी उपलब्ध कराना है?
विज्ञापन


जयपाल ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट लंबे समय से आव्रजन व्यवस्था में व्यापक सुधारों की वकालत करती रही है। उन्होंने कहा कि पुरानी आव्रजन व्यवस्था को ठीक करने के नाम पर कानूनी रूप से अमेरिका आने वाले लोगों के रास्ते बंद करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (पीईआरएम) रोजगार के आधार पर ग्रीन कार्ड पाने की दिशा में पहला कदम है। इसके तहत यह सुनिश्चित करने की प्रक्रिया है कि विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा हो और वहां के कर्मचारियों के रोजगार को नुकसान न पहुंचे। जयपाल ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र समेत कई उद्योगों और परिवारों की निर्भरता प्रवासियों पर है। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई से कानूनी रूप से अमेरिका में काम करने के अवसर कम होंगे और देश की तकनीकी प्रगति भी प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें