मामले में 31 साल का आरोपी दानिश शेख पहले से ही इसी मामले में दर्ज नौ एफआईआर में से एक केस में गिरफ्तार है और फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। उसने मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अन्य केस में अंतरिम जमानत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और अभियोजन पक्ष को 27 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है।
नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के ऑफिस से जुड़े कथित यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन मामले में एक अहम अपडेट सामने आया है। स्थानीय अदालत ने आरोपी कर्मचारी दानिश शेख को एक अन्य संबंधित केस में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।
'गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि - राहत देना उचित नहीं'
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आए हैं, इसलिए उसे राहत देना उचित नहीं है। जज वी.वी. कठारे ने यह भी माना कि मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है और इस समय आरोपी को राहत देने से जांच पर असर पड़ सकता है। अदालत के अनुसार, एफआईआर में लगाए गए आरोप बताते हैं कि आरोपी ने जानबूझकर ऐसे काम किए, जिनसे शिकायतकर्ता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची।
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अदालत ने कहा- इसका समाज पर व्यापक असर
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके 'समाज पर व्यापक असर' की बात भी अदालत ने कही। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे आरोप कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए मामले को गंभीरता से देखा जाना जरूरी है।
मामले में आठ लोग गिरफ्तार, कई धाराओं के केस दर्ज
इस केस में आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 (यौन उत्पीड़न) और धारा 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करना) समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। इस पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है, जिसमें यौन शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप शामिल हैं। अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक महिला एचआर मैनेजर भी शामिल है। बाकी आरोपियों ने भी जमानत के लिए आवेदन किया है, जिन पर आने वाले दिनों में सुनवाई होगी।
वहीं टीसीएस ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी लंबे समय से किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती रही है। कंपनी ने यह भी बताया कि जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है।