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'दुर्गा' ने कर दिखाया कमाल: विक्टोरिया मेमोरियल के नीचे बना दी 1.7 किमी की सुरंग; कितने समय में पूरा हुआ काम?

Fri, 10 Jul 2026 03:32 PM IST
एन अर्जुन अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता।

सार

कोलकाता मेट्रो की जोका-एस्प्लेनेड पर्पल लाइन परियोजना में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) 'दुर्गा' ने विक्टोरिया मेमोरियल, फोर्ट विलियम और अन्य संवेदनशील इलाकों के नीचे से 1.7 किलोमीटर लंबी सुरंग सुरक्षित तरीके से पूरी कर नया इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि को सिविल इंजीनियरिंग की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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टीबीएम दुर्गा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कोलकाता मेट्रो के इतिहास में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) 'दुर्गा' विक्टोरिया मेमोरियल स्टेशन के नीचे अपनी निर्धारित सुरंग की खुदाई पूरी करने के बाद धरती की सतह पर पहुंच गई। जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो की पर्पल लाइन परियोजना के तहत यह मशीन पिछले एक वर्ष से भूमिगत स्तर पर काम कर रही थी।

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आखिर 'दुर्गा' ने कितनी लंबी सुरंग तैयार की?
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, 'दुर्गा' ने खिदिरपुर से विक्टोरिया मेमोरियल तक करीब 1.7 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सतह पर स्थित किसी भी ऐतिहासिक या सामरिक संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और कर्मचारियों ने इस उपलब्धि का स्वागत भूमिगत सुरंग में ही 'वंदे मातरम' के नारों के साथ किया।

यह उपलब्धि इतनी खास क्यों मानी जा रही है?
यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कोलकाता मेट्रो को अतीत में बौबाजार क्षेत्र में सुरंग निर्माण के दौरान कई बार भू-धंसाव और इमारतों को नुकसान जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में विक्टोरिया मेमोरियल, फोर्ट विलियम और पुलिस ट्रेनिंग स्कूल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के नीचे से बिना किसी क्षति के सुरंग निर्माण को सिविल इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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खास बातें

  • एक वर्ष में 1.7 किलोमीटर भूमिगत सुरंग निर्माण पूरा।
  • विक्टोरिया मेमोरियल और फोर्ट विलियम के नीचे से सुरक्षित तरीके से निकली टीबीएम।
  • बौबाजार जैसी किसी भी भू-धंसाव या क्षति की घटना नहीं हुई।
  • जोका-एस्प्लेनेड पर्पल लाइन परियोजना को मिली नई गति।


महाप्रबंधक ने इस उपलब्धि पर क्या कहा?
कोलकाता मेट्रो के महाप्रबंधक प्रेमसागर गुप्ता ने इसे "सिविल इंजीनियरिंग का माइलस्टोन" बताते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और कर्मचारियों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दूसरी टनल बोरिंग मशीन 'दिव्या' भी तय समयसीमा के भीतर अपना काम पूरा कर लेगी।

दोनों टनल बोरिंग मशीनें अभी किस काम में लगी हैं?
वर्तमान में 'दुर्गा' पार्क स्ट्रीट की दिशा यानी अप लाइन के लिए सुरंग निर्माण कर रही थी, जबकि दूसरी मशीन 'दिव्या' जोका की दिशा वाली डाउन लाइन पर काम कर रही है। दोनों मशीनें खिदिरपुर और पार्क स्ट्रीट के बीच 2.65 किलोमीटर लंबे जुड़वां सुरंग नेटवर्क के निर्माण में जुटी हुई हैं।

'दुर्गा' ने अपनी यात्रा कब और कैसे शुरू की थी?
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, 'दुर्गा' ने 10 जुलाई 2025 को खिदिरपुर से अपनी यात्रा शुरू की थी। जमीन से लगभग 17 मीटर नीचे काम करते हुए मशीन ने ठीक एक वर्ष में यह दूरी पूरी की। लगभग 90 मीटर लंबी और 650 टन वजनी इस अत्याधुनिक मशीन का निर्माण चेन्नई में किया गया था।

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इस सफलता से मेट्रो परियोजना को क्या फायदा होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य को नई गति मिलेगी। साथ ही दक्षिण-पश्चिम कोलकाता को शहर के केंद्रीय हिस्से से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना को समय पर पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

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