कोलकाता मेट्रो के इतिहास में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) 'दुर्गा' विक्टोरिया मेमोरियल स्टेशन के नीचे अपनी निर्धारित सुरंग की खुदाई पूरी करने के बाद धरती की सतह पर पहुंच गई। जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो की पर्पल लाइन परियोजना के तहत यह मशीन पिछले एक वर्ष से भूमिगत स्तर पर काम कर रही थी।
महाप्रबंधक ने इस उपलब्धि पर क्या कहा?
कोलकाता मेट्रो के महाप्रबंधक प्रेमसागर गुप्ता ने इसे "सिविल इंजीनियरिंग का माइलस्टोन" बताते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और कर्मचारियों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दूसरी टनल बोरिंग मशीन 'दिव्या' भी तय समयसीमा के भीतर अपना काम पूरा कर लेगी।
दोनों टनल बोरिंग मशीनें अभी किस काम में लगी हैं?
वर्तमान में 'दुर्गा' पार्क स्ट्रीट की दिशा यानी अप लाइन के लिए सुरंग निर्माण कर रही थी, जबकि दूसरी मशीन 'दिव्या' जोका की दिशा वाली डाउन लाइन पर काम कर रही है। दोनों मशीनें खिदिरपुर और पार्क स्ट्रीट के बीच 2.65 किलोमीटर लंबे जुड़वां सुरंग नेटवर्क के निर्माण में जुटी हुई हैं।
'दुर्गा' ने अपनी यात्रा कब और कैसे शुरू की थी?
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, 'दुर्गा' ने 10 जुलाई 2025 को खिदिरपुर से अपनी यात्रा शुरू की थी। जमीन से लगभग 17 मीटर नीचे काम करते हुए मशीन ने ठीक एक वर्ष में यह दूरी पूरी की। लगभग 90 मीटर लंबी और 650 टन वजनी इस अत्याधुनिक मशीन का निर्माण चेन्नई में किया गया था।
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