अरब सागर से उठा चक्रवाती तूफान सोमवार को गंभीर तूफान में बदल गया है। मुंबई में 114 किमी की रफ्तार से चली आंधी और मूसलाधार बारिश से पूरी मायानगरी टापू में बदल गई, मुंबई के निचले इलाके जलमग्न हो गए। 200 से अधिक जगह पेड़ व होर्डिंग टूटने की घटनाएं हुईं, रेलवे लाइन में पानी भरने से लोकल ट्रेन संचालन पूरी तरह ठप रहा।
ताउते के मद्देनजर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई में मौसम निगरानी के लिए 60 स्वचालित (ऑटोमैटिक) मौसम केंद्र बनाए हैं। मौसम विभाग के कोलाबा स्थित केंद्र ने सुबह 11 बजे हवा की गति 102 किमी प्रति घंटा दर्ज की। दोपहर दो बजे हवा की रफ्तार 114 किमी प्रति घंटा दर्ज हुई। तूफान के मद्देनजर मुंबई में आरेंज और रायगढ़ जिले में रेड अलर्ट घोषित किया गया।
तीन कोविड सेंटर से मरीजों को किया शिफ्ट
ताउते के रौद्र रूप को देखते हुए सोमवार सुबह मुंबई के तीन कोविड सेंटर से मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किए गए। बीएमसी ने अकेले बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स (बीकेसी) स्थित जंबो कोविड सेंटर से 182 मरीजों को इमरजेंसी में दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जबकि रविवार को 580 मरीजों को अन्य अस्पातालों में भेजा गया।
बोरिवली टीकाकरण केंद्र की छत उड़ी
तेज आंधी के चलते बोरिवली टीकाकरण केंद्र की पूरी छत उड़ गई। वहीं बीकेसी के वेटिंग रूप की छत भी उड़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, कोलाबा इलाके में 189 मिमी और मुंबई उपनगर में 194 मिमी बारिश हई। इस दौरान मुंबई में 26 मकान क्षतिग्रस्त हुए।
रेलवे भी अलर्ट पर
ताउते की चेतावनी को लेकर रेलवे ने भी आपातकालीन राहत दल व रेलगाड़ियों को हाईअलर्ट पर रखा है। रेल मंत्रालय ने डिवीजनल कंट्रोल रूम खोले हैं जो हालात पर नजर रख रहे हैं। ये दक्षिण पश्चिम, कोंकण, मध्य और पश्चिमी रेलवे से लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं। रेलवे की एक्सिडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी), मेडिकल रिलीफ वैन (एमआरवी) और टॉवर वैगन को हाई अलर्ट पर रखा है गया है जो जरूरत पड़ने पर तुरंत मोर्चा संभालेंगी।
रक्षामंत्री ने तीनों सेनाओं को किया अलर्ट
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को तीनों सेनाओं को अलर्ट करते हुए महाराष्ट्र और गुजरात को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये राजनाथ ने तूफान से निपटने के लिए सेना की तैयारियों का भी जायजा लिया। इस दौरान सीडीएस जनरल बिपिन रावत, रक्षा सचिव अजय कुमार, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह, वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया व सेना प्रमुख एमएम नरवणे भी मौजूद रहे। राजनाथ को बताया गया कि नौसेना के गोताखोरों की 11 टीमें, 12 बाढ़ राहत टीमें और मेडिकल टीमें स्टैंडबाय पर हैं।