टाटा संस ने सायरस मिस्त्री को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। सोमवार को हुई टाटा सन्स के शेयरधारको की एक्सट्राऑर्डिनरी बैठक में मिस्त्री को निर्देशक के पद से हटाने का फैसला लिया गया। अब सायरस मिस्त्री कंपनी में किसी भी अधिकारी पद पर नहीं हैं।
टाटा संस लिमिटेड के ज्यादातर शेयरधारकों ने मिस्त्री को हटाने के पक्ष में वोट डाला। इससे पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने मिस्त्री की उस पैटीशन को खारिज कर दिया जिसमें सायरस मिस्त्री ने 6 फरवरी को होने वाली शेयरधारकों की इस बैठक पर रोक लगाने की मांग की थी।
आपको बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में कंपनी ने मिस्त्री को चेयरमैन के पद से हटा दिया था। कंपनी ने मिस्त्री के नेतृत्व में टाटा संस की हालत में सुधार ना होने का हवाला देते हुए उन्हें चेयरमैन के पद से हटाया था। कंपनी के 66 फीसदी शेयर टाटा ट्रस्ट के पास है जबकि मिस्त्री के परिवार के पास कंपनी के शेयर में मात्र 18.5 फीसदी की हिस्सेदारी है। जिस कारण मिस्त्री का बोर्ड मेंबर के पद से हटाया जाना तय था।
सायरस पी.मिस्त्री के परिवार ने पहली बार 1965 में टाटा समूह के शेयर खरीदे थे। सायरस मिस्री के पिता पालोनजी मिस्त्री 1980 में टाटा समूह के निर्देशक बनाए गये और वह 2004 तक इस पद पर बने रहे। सायरस मिस्त्री 2006 में कंपनी के निर्देशक के तौर पर समूह से जुड़े और 2012 में कंपनी के चेयरमैन बनाए गए।