नितिन गडकरी ने सात अक्तूबर को टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के नाम चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने लिखा कि स्टील, ऑटो, उपभोक्ता उत्पाद, आईटी सेवाओं और विमानन जैसे कारोबारों में काम करने वाली कंपनियां नागपुर में निवेश कर सकती हैं।
नागपुर में निवेश को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की चिट्ठी पर टाटा ग्रुप की ओर से जवाब दिया गया है। चिट्ठी में कहा गया है कि 'हम साथ देने के लिए तैयार हैं।' यह चिट्ठी टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की ओर से केंद्रीय मंत्री को लिखी गई है।
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दरअसल, निवेश को लेकर इस वक्त महाराष्ट्र और गुजरात आमने-सामने हैं। इसका कारण हाल ही में दो मेगा प्रोजेक्ट महाराष्ट्र से गुजरात की झोली में चले जाना है। इसके बाद से सियासी घमासान जारी है।
तनातनी के बीच गडकरी ने लिखी थी चिट्ठी
दोनों राज्यों के बीच तनातनी ओर विपक्ष की ओर से महाराष्ट्र सरकार पर लगाए गए आरोपों के बीच नितिन गडकरी ने सात अक्तूबर को टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के नाम चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने लिखा कि स्टील, ऑटो, उपभोक्ता उत्पाद, आईटी सेवाओं और विमानन जैसे कारोबारों में काम करने वाली कंपनियां नागपुर में निवेश कर सकती हैं। यहां जमीन की कोई कमी नहीं है। बता दें कि चिप निर्माण को लेकर फॉक्सकॉन-वेदांता के बीच 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करार हुआ है। वहीं, 22 हजार करोड़ रुपये की विमान निर्माण परियोजना के लिए टाटा समूह ने एयरबस के साथ करार किया है।
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चंद्रशेखरन ने दिया जवाब
गडकरी की चिट्टी के बाद टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने 19 अक्तूबर को जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि "हमारी टीम निश्चित रूप से विदर्भ आर्थिक विकास परिषद (वीईडीसी) के साथ संपर्क में है। हमनए निवेश के अवसरों का मूल्यांकन कर रहे हैं।