फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टाटा-एयरबस प्रोजेक्ट: परियोजना गुजरात जाने पर भाजपा और MVA गठबंधन में जुबानी जंग, जानें किसने-क्या लगाए आरोप?

Fri, 28 Oct 2022 09:46 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

एक दिन पहले घोषणा की गई थी कि यूरोपीय कंपनी एयरबस और भारतीय समूह टाटा का एक कंसोर्टियम (संघ) गुजरात के वडोदरा में भारतीय वायु सेना के लिए सी-295 परिवहन विमान का निर्माण करेगा। इस घोषणा के बाद राज्य की एकनाथ शिंदे नीत गठबंधन सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
विज्ञापन
उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टाटा-एयरबस प्रोजेक्ट के गुजरात जाने पर महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है। दरअसल, महाराष्ट्र की पूर्व महाविकास अघाड़ी सरकार का हिस्सा रही पार्टियों का दावा है कि यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र को मिलने वाला था और भाजपा ने इसे गुजरात को सौंप दिया। वहीं, भाजपा ने इन सभी आरोपों को नकारते हुए उल्टा उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पूर्व सरकार को ही परियोजना हाथ से निकलने का दोषी ठहरा दिया है। 
विज्ञापन


एक दिन पहले घोषणा की गई थी कि यूरोपीय कंपनी एअरबस और भारतीय समूह टाटा का एक कंसोर्टियम (संघ) गुजरात के वडोदरा में भारतीय वायु सेना के लिए सी-295 परिवहन विमान का निर्माण करेगा। इस घोषणा के बाद राज्य की एकनाथ शिंदे नीत गठबंधन सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। ऐसे में यह जानना अहम है कि शुक्रवार को इस मुद्दे पर भाजपा और महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा रही पार्टियों- शिवसेना उद्धव बालासाहेब, कांग्रेस और राकांपा ने क्या-क्या कहा...

भाजपा बोली- उद्धव के खुद घर में बंद रहने के कारण परियोजना गई 
भाजपा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि 22,000 करोड़ रुपये की टाटा-एयरबस विमान परियोजना महाराष्ट्र से गुजरात चली गई, क्योंकि तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने खुद को अपने घर में बंद कर लिया था। पार्टी ने कहा कि इसके लिए ठाकरे को राज्य के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
विज्ञापन


पार्टी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि बेंगलुरु (कर्नाटक), हैदराबाद (तेलंगाना), गुजरात और उत्तर प्रदेश के प्रस्तावों का सितंबर 2021 में मूल्यांकन किया गया था और यह सैद्धांतिक रूप से तय किया गया था कि यह परियोजना गुजरात में स्थापित की जाएगी। भाजपा ने दावा किया कि इस बात का कोई रिकॉर्ड नहीं है कि ठाकरे नीत तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार का कोई प्रस्ताव था या इस परियोजना के लिए कंपनी के साथ कोई चर्चा हुई थी।

आदित्य ठाकरे बोले- निवेशकों को 'खोके सरकार' पर भरोसा नहीं
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि निवेशकों को एकनाथ शिंदे-भाजपा सरकार पर भरोसा नहीं है और इसलिए राज्य से बाहर परियोजनाएं जा रही हैं। ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि निवेशकों को ‘खोके सरकार’ पर विश्वास नहीं है।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि जून में कार्यभार संभालने के बाद वह निवेश के लिए दूसरे राज्यों में जाने के बजाय राजनीतिक सभाओं को संबोधित करने में व्यस्त हैं। ठाकरे ने आरोप लगाया, ‘‘यह चौथी परियोजना है जो महाराष्ट्र से बाहर चली गयी है। मैंने आज सुबह इस मुद्दे पर राज्य के उद्योग मंत्री (उदय सामंत) का बयान देखा। ऐसा लगता है कि जिस तरह से वे वेदांता-फॉक्सकॉन (जिसने भी अपनी सेमीकंडक्टर परियोजना को पुणे से गुजरात स्थानांतरित कर दिया था) से अनजान थे, वह टाटा एयरबस परियोजना से अंजान हैं।’’

राकांपा बोली- परियोजनाओं को रोकने के लिए उठाने चाहिए कदम
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार ने एयरबस और टाटा गठजोड़ की सैन्य विमान परियोजना महाराष्ट्र से गुजरात ले जाये जाने पर शुक्रवार को निराशा प्रकट की। उन्होंने यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार को राज्य से इस बड़ी परियोजना को जाने से रोकने के लिए जरूर कुछ कदम उठाना चाहिए।

पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ इसमें कोई संदेह नहीं है कि कई राज्यों में परियोजनाएं विकसित की जानी चाहिए लेकिन एक राज्य में स्थापना के लिए प्रस्तावित एक परियोजना को किसी अन्य राज्य में क्यों ले जाया जाए? महाराष्ट्र में अनुकूल माहौल होने के बाद भी परियोजनाएं कहीं और ले जाई जा रही हैं।’’
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें