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Tanot Mata Mandir: पाकिस्तान ने जिस तनोट मंदिर पर दागे थे 3000 गोले, अब उसी पर खर्च होंगे 17 करोड़ रुपये

Sat, 10 Sep 2022 01:53 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Tanot Mata Mandir: 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में तनोट राय माता मंदिर परिसर में पाकिस्तान द्वारा जबरदस्त बमबारी की गई थी, लेकिन तनोट माता के चमत्कार से कोई भी गोला नहीं फटा था। वर्ष 1965 से सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' इस मंदिर की पूजा, अर्चना एवं व्यवस्था का कार्यभार संभाल रहा है...
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Tanot Mata Mandir: Amit Shah, BSF, Jaisalmer - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राजस्थान के जैसलमेर में स्थित 'तनोट मंदिर' की एक अपनी ही कथा है। इस मंदिर पर पाकिस्तान की तरफ से हजारों गोले गिराए गए थे, मगर उनमें से एक गोला भी नहीं फट सका। इसे 'तनोट माता' का चमत्कार माना गया। अब उस मंदिर को दुनिया देखेगी। तनोट मंदिर कॉम्पलेक्स परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा 17 करोड़ 67 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र का दौरा कर तनोट मंदिर सीमा विकास परियोजना का शिलान्यास किया है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, शुक्रवार शाम को अपने दो दिवसीय दौरे पर राजस्थान पहुंचे थे। उन्होंने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे एवं जैसलमेर से 120 किलोमीटर दूर तनोट मंदिर परिसर में 10 सितंबर को सीमा पर्यटन विकास कार्य का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। तनोट मंदिर कॉम्पलेक्स परियोजना, सीमा पर्यटन विकास कार्यक्रम के अर्न्तगत केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई है। इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर में एक प्रतीक्षालय, रंगभूमि, इंटरप्रटेशन केंद्र, बच्चों के लिए कक्ष एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिय अन्य जरुरी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।  

पर्यटन मंत्रालय की इस परियोजना से तनोट एवं भारत-पाकिस्तान से लगे जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास होगा। सीमा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में तनोट राय माता मंदिर परिसर में पाकिस्तान द्वारा जबरदस्त बमबारी की गई थी, लेकिन तनोट माता के चमत्कार से कोई भी गोला नहीं फटा था। वर्ष 1965 से सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' इस मंदिर की पूजा, अर्चना एवं व्यवस्था का कार्यभार संभाल रहा है। सीमा सुरक्षा बल, इस मंदिर को एक ट्रस्ट के माध्यम से संचालित करती है। प्रतिदिन सुबह-शाम माता की आरती एवं भजन संध्या का आयोजन किया जाता है। इसमें हजारों की तादाद में देश के विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं।

1971 के भारत-पाकिस्तान लोंगेवाला युद्ध के दौरान सीमा सुरक्षा बल के बहादुर जवानों की लोंगेवाला पोस्ट पर अहम एवं निर्णायक भूमिका रही थी। केंद्रीय गृह मंत्री ने गत वर्ष 4-5 दिसंबर को भी तनोट का दौरा कर वहां पर्यटन संभावनाओं का जायजा लिया था। साथ ही एक सीमा चौकी पर रात्रि विश्राम कर जवानों का मनोबल बढ़ाया था। मंदिर परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में बीएसएफ डीजी पंकज कुमार सिंह, पी रामाशास्त्री अपर महानिदेशक पश्चिमी कमांड, डेविड लालरिंगा महानिरीक्षक राज्यस्थान फ्रंटियर, पर्यटन मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार ज्ञानभूषण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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