तांडव वेब सीरीज को लेकर शिवसेना ने भाजपा पर फिर हमला बोला है। शिवसेना ने कहा है कि जिस तरह वेब सीरीज के मुद्दे पर भाजपा आक्रामक है उसी तरह राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी गोपनीय बातें सार्वजनिक करने के मुद्दे पर गंभीर क्यों नहीं है। पुलवामा में हमारे सैनिकों की हत्या राजनीतिक षड्यंत्र था। रिपब्लिक भारत के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की चैट से जो बातें सामने आई हैं, उससे इस आरोप को बल मिलता है।
शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में लिखा है कि पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार पर आरोप लगे कि लोकसभा चुनाव जीतने के लिए 40 सैनिकों का खून बहाया गया। गोस्वामी द्वारा जवानों की हत्या पर आनंद व्यक्त करना देश का अपमान है। सैनिकों की शहादत का जितना अपमान अर्नब ने किया, उतना तो पाकिस्तानियों ने भी नहीं किया होगा।
अब्बास व अमेजॉन के ऑफिस पहुंची यूपी पुलिस
वेब सीरीज तांडव विवाद में लखनऊ के हजरतगंज में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मुंबई पहुंची यूपी पुलिस ने बृहस्पतिवार को इसके निर्देशक अली अब्बास जफर से पूछताछ के लिए उनके घर पहुंची, लेकिन वह घर पर नहीं मिले। पुलिस ने उनके घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया और एक सप्ताह के अंदर पुलिस के सामने पेश होने को कहा है। उसके बाद यूपी पुलिस की टीम अमेजॉन के दफ्तर पहुंची, जहां उसकी भारत प्रमुख अपर्णा पुरोहित से पूछताछ करेगी।
बता दें कि तांडव सीरीज के जरिये लोगों की भावनाएं आहत करने के लिए निर्देशक अल्ली अब्बास समेत पांच लोगों पर लखनऊ में मामला दर्ज किया गया था। लखनऊ पुलिस ने रविवार को मामले की जांच में सहयोग करने के लिए मुंबई पुलिस आयुक्त (सीपी) के कार्यालय से संपर्क किया है। निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम मंगलवार रात मुंबई पहुंची।
यूपी पुलिस अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कहा ,'' हमने अली अब्बास को 27 जनवरी को लखनऊ में आईओ (जांच अधिकारी) के सामने पेश होने के लिए कहा है। उनके घर पर ताला लगा था और कोई नहीं था, इसलिए हमने वहां नोटिस चिपका दिया।''