विभिन्न मांगों को लेकर नई दिल्ली में एक महीने से ज्यादा समय तक चला आंदोलन खत्म करने के बाद शुक्रवार को चेन्नई में प्रदर्शन शुरू करने वाले किसानों के समूह ने मुख्यमंत्री से मांगों पर ध्यान देने का आश्वासन मिलने पर अस्थायी रूप से शनिवार को अपना आंदोलन वापस ले लिया।
नेशनल साउथ इंडियन रीवर्स इंटर-लिंकिंग फार्मर्स एसोसिएशन के प्रमुख पी अय्याकन्नू ने सूखा राहत सहित विभिन्न मांगों पर जोर देने के लिए नई दिल्ली में जंतर मंतर पर 40 दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने नई दिल्ली में मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी से मिलने और उनके द्वारा मांगें पूरी करने का वादा करने पर 23 अप्रैल को आंदोलन वापस ले लिया था।
अय्याकन्नू ने पलानीस्वामी पर अपना वादा पूरा ना करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को चेन्नई में अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। अय्याकन्नू शनिवार को पलानीस्वामी से मिले और उनसे संक्षिप्त बातचीत की। बैठक के बाद अय्याकन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री से किसानों की शिकायतों के हल के लिए जरूरी कदम उठाने का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन अस्थायी रूप से खत्म करने का फैसला किया गया है।
अय्याकन्नू ने संवाददाताओं से कहा कि अगर दो महीने में मांगें पूरी नहीं हुईं तो किसान फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। गौरतलब है कि तमिलनाडु के किसान ऋण माफी, 40,000 करोड़
रुपये का सूखा राहत पैकेज और कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन सहित कई मांगें कर रहे हैं।