हाई कोर्ट के आदेश के बाद जांच तेज
नेहरू के घर पर पूछताछ, जुटे डीएमके समर्थक
छापेमारी के दौरान डीवीएसी की टीम ने तिरुचिरापल्ली के थिल्लई नगर स्थित नेहरू के आवास पर उनसे एक घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की। टीम में पुलिस उपाधीक्षक हेमा चित्रा और पुलिस निरीक्षक सक्थिवेल व प्रसन्ना वेंकटेश शामिल थे। कार्रवाई की खबर फैलते ही नेहरू के घर के बाहर 200 से ज्यादा डीएमके कार्यकर्ता जुट गए। अधिकारियों की पूछताछ और तलाशी के बीच इलाके में राजनीतिक हलचल बढ़ गई। इससे पहले भी 5 सितंबर को नेहरू के आवास और उनसे जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली गई थी।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे नेहरू, कानूनी लड़ाई जारी
'चुनाव के लिए हो रही 'रेडशो' की राजनीति'
छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी टीवीके सरकार पर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया मंच एक्स पर उन्होंने आरोप लगाया कि तिरुचिरापल्ली ईस्ट उपचुनाव से पहले ये छापे प्रचार और सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने कार्रवाई को 'रेडशो' बताते हुए कहा कि इससे जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने की कोशिश की जा रही है।
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टीवीके को बताया 'वॉशिंग मशीन'
स्टालिन ने टीवीके को 'तमिलनाडु ब्रांच वॉशिंग मशीन' बताते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी भ्रष्ट लोगों को अपने साथ शामिल कर रही है, जबकि पूर्व डीएमके मंत्रियों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे 'वेत्री वेंडेटा पॉलिटिक्स' करार दिया। स्टालिन ने राज्य में कानून-व्यवस्था, महंगाई और प्रशासन को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि डीएमके इन कार्रवाइयों से डरने वाली नहीं है और सरकार की नीतियों को जनता के सामने उजागर करती रहेगी। दूसरी ओर, 634 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच और अदालत में चल रही कानूनी लड़ाई पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।