तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम के दिन आज सभी की निगाहें थाउजेंड लाइट्स पर टिकी हुई हैं। थाउजेंड लाइट्स विधानसभा सीट तमिलनाडु की वीआईपी विधानसभा सीटों में से एक है। इस सीट पर दक्षिण की मशहूर अभिनेत्री खुशबू सुंदर को भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी मैदान में उतारा है। इनका मुकाबला द्रमुक के डॉ एझिलन नागनाथन से है। अब तक की मतगणना में थाउजेंड लाइट्स विधानसभा सीट पर, द्रमुक के डॉ एझिलन नागनाथन बढ़त बनाए हुए हैं।
फिलहाल यहां केके सेल्वम विधायक केके हैं। बता दें कि यह सीट सबसे ज्यादा 10 साल द्रमुक पाले में रही है। बता दें खुशबू सुंदर हाल में कांग्रेस को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई हैं। खुशबू दक्षिण भारत में कांग्रेस के चर्चित चेहरों के रूप में देखा जाता था। लेकिन, 2020 में उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़कर कमल का दामन थाम लिया था। वह कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता भी थीं।
2016 थाउजेंड लाइट्स विधानसभा सीट पर नतीजे
थाउजेंड लाइट्स विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा जा रहा है, वह तमिलनाडु की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक मानी जाती है। यह चेन्नई जिले में आती है। 2016 में यहां द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) ने जीत हासिल की थी। द्रमुक उम्मीदवार केके सेल्वम ने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के वलारमथी बी को 8829 वोटों के अंतर से हराया था।
तमिलनाडु में नए समीकरण की उम्मीद
बता दें कि यह पहला विधानसभा चुनाव है जब राज्य में दशकों से राजनीति के पर्याय माने जाने वाली शख्सियत एम करुणानिधि और जयललिता मौजूद नहीं हैं। अन्नाद्रमुक जयललिता का विकल्प नहीं खोज पाया है। वहीं, द्रमुक ने करुणानिधि के पुत्र स्टालिन पर भरोसा जताया है। अगर अन्नाद्रमुक सत्ता बरकरार रखने में असफल रहती है तो पार्टी में विघटन तय है। द्रमुक की जीत से स्टालिन के नेतृत्व पर मुहर लगेगी। इसके अलावा राज्य में तीसरी सियासी ताकत को उभरने का मौका मिलेगा, जिसकी कोशिश भाजपा बीते चार सालों से कर रही है।
2016 के तमिलनाडु विधानसभा के नतीजे
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा के लिए 2016 में हुए चुनाव में जयललिता की अगुवाई में अन्नाद्रमुक ने 136 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि करुणानिधि की अगुवाई वाली द्रमुक के खाते में 98 सीट आई थी। जयललिता लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठी थीं।