की सरकार ने आज विधानसभा में एक विधेयक पेश किया जिसके तहत विधायकों को मिलने वाली तनख्वाह और दूसरे भत्तों को दोगुना किया जा सकेगा। यह विधेयक उस समय पेश किया गया है जब राज्य में परिवहन कर्मचारी हड़ताल पर हैं और वो बेहतर तनख्वाह की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा राज्य के किसान दिल्ली में ऋण माफी और बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
सैलरी को बढ़ाने की यह घोषणा खुद राज्य के मुख्यमंत्री
पलानीस्वामी ने पिछले साल जुलाई में की थी और आज इसपर उन्होंने विधानसभा में विधेयक पेश किया। रिपोर्ट्स के अनुसार इस विधेयक के पारित होने के बाद विधायकों को मिलने वाली प्रति महीने तनख्वाह और दूसरे भत्ते 55,000 रुपये से बढ़कर 1.05 लाख रुपये हो जाएंगे यानि की उन्हें दोगुनी राशि मिलने लगेगी।
पिछले साल की गई घोषणा के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्री, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, विपक्ष के नेता और सरकारी के कार्यकारी अधिकारी मिलने वाले भत्ते में की गई बढ़ोत्तरी पिछले साल के 1 जुलाई से प्रभाव में आएगी। राज्य सरकार ने विधायकों को मिलने वाले लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड को भी 2 करोड़ से बढ़ाकर 2.5 करोड़ रुपये कर दिया है। पूर्व विधायकों और मृत विधायी परिषद के सदस्यों को मिलने वाली पेंशन को 12,000 रुपए से बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दिया गया है।
मुआवजा भत्ता को 7,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है वहीं टेलीफोन भत्ते को 5,000 से बढ़ाकर 7,500 रुपये कर दिया गया। निर्वाचन क्षेत्र भत्ते को 10,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये और संगठित भत्ते को 2,500 से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा परिवहन भत्ते को 20,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है लेकिन पोस्टल भत्ते को 2,500 रुपये बरकरार रखा गया है।