फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tamil Nadu: DMK गठबंधन पर हमलावर हुए विजय, आंबेडकर पर आई पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम से जुड़ा मामला, जानें

Sat, 07 Dec 2024 11:01 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

तमिल सिनेमा में दलपति के शीर्षक से लोकप्रिय विजय ने शुक्रवार को तिरुमावलन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में जो लोग गठबंधन की गणित के जरिए अपनी पार्टी को बचाए हुए हैं, वे 2026 में (तमिलनाडु विधानसभा चुनाव) इस गणित को लोगों की ताकत से तबाह होता हुआ देखेंगे।
विज्ञापन
आंबेडकर पर पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान विजय। - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तमिलनाडु में 2026 में होने वाले चुनावों के लिए राजनीतिक दलों ने कमर कसना शुरू कर दिया है। खासकर फिल्मी जगत से राजनीति में आए अभिनेता विजय ने, जो कि समय-समय पर राज्य के सत्तासीन दल द्रमुक और उसके गठबंधन के साथियों पर निशाना साधना जारी रखे हुए हैं। ताजा मामला संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का है, जिसमें दलित नेता थोल थिरुमावलन की गैरमौजूदगी को विजय ने मुद्दा बनाया। थिरुमावलन विदुथलई चिरुथइगल काची (वीसीके) के नेता हैं, जो कि तमिलनाडु में द्रमुक की सहयोगी पार्टी है। 
विज्ञापन


तिरुमावलन की गैरमौजूदगी पर क्या बोले विजय?
तमिल सिनेमा में दलपति के शीर्षक से लोकप्रिय विजय ने शुक्रवार को तिरुमावलन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में जो लोग गठबंधन की गणित के जरिए अपनी पार्टी को बचाए हुए हैं, वे 2026 में (तमिलनाडु विधानसभा चुनाव) इस गणित को लोगों की ताकत से तबाह होता हुआ देखेंगे।

गौरतलब है कि आंबेडकर के जीवन पर लिखी किताब के विमोचन का कार्यक्रम पहले से ही विवादों में घिर गया था। तिरुमावलन ने पहले इस कार्क्रम में आने और विजय के साथ स्टेज साझा करने पर हामी भर दी थी। लेकिन बाद में उन्होंने कार्यक्रम में न जाने की बात कही। इसके बाद से ही विजय ने द्रमुक गठबंधन पर निशाना साधना जारी रखा। 
विज्ञापन


भाषण के दौरान राज्य-केंद्र सरकार को घेरा
विजय ने एल्लारुकुमन थलईवर आंबेडकर शीर्षक वाली पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान कहा, "थोल थिरुमावलन यहां आ भी नहीं सके। वह आंबेडकर को सम्मानित करने वाली किताब के विमोचन पर भी नहीं पहुंच पाए।" उन्होंने कहा, "अगर मैं यह मान लूं कि अगर उन पर गठबंधन की राजनीति का दबाव था, तब भी यह तय है कि उनका पूरा दिमाग इसी कार्यक्रम पर लगा रहा होगा।" 

विजय ने अपने भाषण के दौरान कहा, "अगर आंबेडकर मौजूदा भारत में होते उन्हें किस चीज ने सबसे ज्यादा निराश किया होता?" इसके बाद उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मणिपुर में जारी हिंसा से लेकर तमिलनाडु के अनसुलझे वेंगइवयल मामले तक का जिक्र किया, जिसमें 2022 में दलित रहवासियों को पानी पहुंचाने वाली एक टंकी में मल पाया गया था। विजय ने कहा कि अगर आंबेडकर आज यह सब देख रहे होते तो वह शर्म से चुप हो गए होते।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें