तमिलनाडु पुलिस ने गुरुवार को जेम ग्रेनाइट्स के संस्थापक आर वीरामणि के खिलाफ पॉक्सो एक्स के तहत मामले और संबंधित मामलों की जांच के लिए वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों सहित चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
एसआईटी में कौन-कौन हैं?
एसआईटी में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, केंद्रीय अपराध शाखा, पीसी थेनमोझी, संयुक्त पुलिस आयुक्त, कानून और व्यवस्था-पश्चिम, दिशा मित्तल, पुलिस अधीक्षक और मीडिया संबंध अधिकारी जे मुथारसी, और पुलिस उपायुक्त, महिला एवं बाल अपराध शाखा, वीवी गीतांजलि शामिल हैं।
क्या आदेश दिया गया है?
रिपोर्ट के अनुसार, टीम को आरोपों की विस्तार से जांच करने का काम सौंपा गया है, जिसमें सबूतों को संभालने का तरीका और पिछली जांच से संबंधित परिस्थितियां शामिल हैं। पुलिस महानिदेशक/पुलिस बल प्रमुख महेश कुमार अग्रवाल द्वारा जारी आदेशों के माध्यम से एसआईटी का गठन किया गया है। यह टीम चेन्नई पुलिस आयुक्त ए अमलराज के पर्यवेक्षण में कार्य करेगी, जिन्हें जांच के लिए आवश्यक जनशक्ति और रसद सहायता देने का निर्देश दिया गया है।
यह घटना तीन पुलिस अधिकारियों, जिनमें दो आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं। उनके तबादलों के एक दिन बाद घटी है। जब चेन्नई शहर पुलिस को पहली बार शिकायत मिली थी, तब ए. अरुण चेन्नई पुलिस आयुक्त, एन. कन्नन दक्षिण चेन्नई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और एम.ए. यास्मीन अपराध-विरोधी दस्ते की सहायक पुलिस आयुक्त थीं। अरुण और कन्नन को अनिवार्य प्रतीक्षा सूची में रखा गया, जबकि यास्मीन को रिक्ति आरक्षित में स्थानांतरित कर दिया गया।
वहीं, बता दें कि 29 अगस्त को, अक्तूबर 2025 में मामला दर्ज होने के लगभग 11 महीने बाद, सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने वीरमणि (84) और उनके साथियों एम. शांति (60) और उनके पति महेंद्र सिम्हन (63) को गिरफ्तार किया। यह मामला तब और तेज हो गया जब एक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने जांच बंद करने की पुलिस की कोशिश को खारिज कर दिया और आगे जांच का आदेश दिया।