तमिलनाडु के तूतुकुड़ी जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। जिस पिता का काम अपने बच्चों की सुरक्षा करना था, उसी ने दो मासूमों के लिए मौत का ऐसा जाल बिछाया कि सुनने वालों की रूह कांप उठी। शुरुआती जांच के मुताबिक, पत्नी के घर छोड़कर चले जाने के बाद 40 वर्षीय ट्रक ड्राइवर मैरी माइकल गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में था। इसी तनाव ने उसे इस हद तक पहुंचा दिया कि उसने अपने 14 वर्षीय बेटी और 12 वर्षीय बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर खुद भी जान दे दी।
पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक घटना शुक्रवार रात सावेरियारपुरम इलाके में हुई। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय मैरी माइकल, उसकी 14 वर्षीय बेटी मैरी निरोशा और 12 वर्षीय बेटे मैरी केनिस्टन के रूप में हुई है। बेटी नौवीं कक्षा में पढ़ती थी, जबकि बेटा सातवीं कक्षा का छात्र था। दोनों की मौत ने पूरे इलाके में मातम का माहौल बना दिया है।
पहले बच्चों को खिलाया खाना, फिर रची मौत की साजिश
शुरुआती जांच में सामने आया है कि शुक्रवार शाम माइकल रोज की तरह घर लौटा। वह अपने साथ बच्चों के लिए खाना भी लाया था। उसने दोनों बच्चों को सामान्य तरीके से खाना खिलाया, उनसे बातचीत की और फिर उन्हें सोने के लिए भेज दिया। बच्चों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनका अपना पिता उनके लिए मौत की तैयारी कर चुका है।
जैसे ही दोनों मासूम गहरी नींद में सो गए, माइकल ने बिजली के नंगे तार निकाले और उन्हें दोनों बच्चों के शरीर से बांध दिया। इसके बाद तारों का कनेक्शन सीधे बिजली के बोर्ड से जोड़ दिया। तेज करंट लगते ही दोनों बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस का मानना है कि बच्चों को संभलने या बचने का कोई मौका नहीं मिला।
बच्चों की मौत के बाद खुद भी लगा लिया करंट
दोनों बच्चों की मौत के बाद भी माइकल का गुस्सा खत्म नहीं हुआ। उसने उसी बिजली के तार को अपने शरीर पर लपेटा और करंट लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ ही पलों में घर के अंदर तीन लोगों की जिंदगी खत्म हो चुकी थी, लेकिन बाहर सो रहे बुजुर्ग पिता को इसकी भनक तक नहीं लगी।
घर के बाहर सो रहे थे 75 वर्षीय पिता
घटना के समय माइकल के 75 वर्षीय पिता एंथनी मुथु घर के बाहर सो रहे थे। रात भर उन्हें अंदर से कोई आवाज नहीं सुनाई दी। शनिवार दोपहर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई हलचल नहीं हुई तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पड़ोसियों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। जब दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए। एक ही बिस्तर पर पिता और उसके दोनों बच्चों के शव पड़े थे। तीनों के शरीर पर बिजली के तार लिपटे हुए थे। मौके का दृश्य इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोग भी सिहर उठे।
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पत्नी के जाने के बाद बदल गया था माइकल
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि कुछ समय पहले माइकल की पत्नी उसे छोड़कर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ चली गई थी। इसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव और अवसाद में रहने लगा था। पड़ोसियों का कहना है कि वह पहले की तुलना में काफी शांत और अकेला रहने लगा था। हालांकि, किसी ने यह नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा और खौफनाक कदम उठा सकता है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना पूरी तरह पूर्व नियोजित थी या फिर मानसिक तनाव में अचानक अंजाम दी गई। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए तूतुकुड़ी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद मौत के कारणों की अंतिम पुष्टि होगी।
पूरे इलाके में पसरा मातम
घटना के बाद सावेरियारपुरम इलाके में शोक का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि दोनों बच्चे बेहद मासूम और पढ़ाई में अच्छे थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि उनका अंत इतनी दर्दनाक परिस्थितियों में होगा। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
वारदात की पांच बड़ी बातें
- पत्नी के घर छोड़कर जाने के बाद ट्रक ड्राइवर मैरी माइकल मानसिक तनाव और अवसाद में था।
- पहले बच्चों को खाना खिलाया, फिर सोते समय उनके शरीर पर बिजली के नंगे तार बांध दिए।
- करंट लगने से 14 वर्षीय बेटी और 12 वर्षीय बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
- बच्चों की हत्या के बाद आरोपी पिता ने भी खुद को करंट लगाकर आत्महत्या कर ली।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।