तमिलनाडु की राजनीति इस समय एक अभूतपूर्व मोड़ पर खड़ी है। अभिनेता से राजनेता बने विजय थलपति की पार्टी, तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके), जिस गति से आगे बढ़ रही है, उसने राज्य के स्थापित राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से हिला दिया है। टीवीके ने अब तक 78 सीटों पर जीत और 29 पर बढ़त के साथ कुल 107 सीटों का आंकड़ा छुआ, जबकि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) जैसी दिग्गज पार्टियां काफी पीछे नजर आ रही हैं।
इसके साथ ही विरुगंबक्कम विधानसभा सीट पर टीवीके के उम्मीदवार आर. सबरीनाथन को जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिला। 23 राउंड की मतगणना संपन्न होने के बाद, सबरीनाथन ने 76,092 वोटों के साथ एक प्रभावशाली बढ़त हासिल कर ली है। उन्होंने करीब 27 हजार वोटों से जीत दर्ज की। वहीं, डीएमके के प्रभाकर राजा 49,006 वोटों के साथ दूसरे स्थान रहे और AIADMK के विरुगई वी.एन. रवि 38,767 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
आर. सबरीनाथन: जमीनी कार्यकर्ता से स्टार उम्मीदवार तक
तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों आर. सबरीनाथन का नाम खूब चर्चा में है। लगभग 32-35 वर्ष की आयु के सबरीनाथन, चेन्नई के विरुगंबक्कम इलाके के एक साधारण परिवार से आते हैं। हालांकि, आज वे तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक बन गए हैं। सबरीनाथन की कहानी खास है क्योंकि उनके पिता, राजेंद्रन, पिछले 15 वर्षों से विजय थलपति के निजी ड्राइवर रहे हैं। राजेंद्रन ने विजय के फिल्मी सफर के हर उतार-चढ़ाव, देर रात की शूटिंग से लेकर सुबह की दिनचर्या तक को करीब से देखा है। ऐसे मध्यमवर्गीय परिवेश में पले-बढ़े सबरीनाथन ने स्थानीय कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और हमेशा से विजय के करीब रहे। 2024 में टीवीके की स्थापना के समय, सबरीनाथन ने एक समर्पित जमीनी कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़कर काम शुरू किया। वे उन लोगों में से थे जो अक्सर सुर्खियों से दूर रहकर संगठन की नींव को मजबूत करते हैं।
एक पल जिसने बदली सियासत की तस्वीर
जब विजय थलपति ने विरुगंबक्कम सीट से सबरीनाथन को टिकट देने की घोषणा की, तो यह फैसला न केवल विपक्ष के लिए, बल्कि पार्टी के कई आंतरिक सदस्यों के लिए भी चौंकाने वाला था। एक जनसभा को संबोधित करते हुए, विजय ने भावुक होकर कहा, "मेरा ड्राइवर राजेंद्रन 15 साल से मेरे साथ है, अब उसका बेटा सबरीनाथन मेरे साथ राजनीति में चलेगा।" विजय के इन शब्दों ने सभा में सन्नाटा पैदा कर दिया, जिसके बाद तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कई कार्यकर्ताओं की आंखें नम हो गईं। विजय ने इस घोषणा के माध्यम से स्पष्ट किया कि वे 'सितारों की नहीं, बल्कि आम लोगों की पार्टी' बनाना चाहते हैं। यह मार्मिक क्षण और विजय का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसने लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी।