तमिलनाडु में अभिनेता विजय की सियासत पर AIADMK नेता बालाजी ने तल्ख टिप्पणी की है। उन्हें अपनी पार्टी के साथ गठबंधन की नसीहत देते हुए बालाजी ने कहा, अगर वे अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लेते हैं तो तमिलनाडु की जनता इसे सत्ताधारी पार्टी- DMK की मदद के तौर पर ही देखेगी। जानिए बालाजी ने और क्या बातें कहीं
तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी- टीवीके के प्रमुख और अभिनेता विजय को लेकर कभी सत्ताधारी दल रही- अन्नाद्रमुक के पूर्व मंत्री केटी राजेंद्र बालाजी ने कहा, विजय प्रशिक्षित और वफ़ादार कार्यकर्ताओं के बावजूद अभी तक मजबूत आधार नहीं बना सके हैं। उन्होंने कहा, विजय के लिए भीड़ तो उमड़ती है, लेकिन वह कभी वोटों में तब्दील नहीं होती। विजय की सभा में आने वाली भीड़ की तुलना में अभिनेता अजित के आने पर दोगुनी भीड़ उमड़ती है। सुपरस्टार रजनीकांत को लेकर उत्साह और भी अधिक होता है।
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दिग्गज अभिनेताओं से तुलना कर गठबंधन की नसीहत दी
बकौल बालाजी, 'अगर रजनी सिर्फ हवाई अड्डे पर आकर खड़े हो जाएं, तो पांच लाख लोग सिर्फ उन्हें देखने के लिए जमा हो जाएंगे। रजनी का जनाकर्षण आज भी वैसा ही है। हमने खुद देखा है कि फिल्मी सितारे कैसे लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं... अगर विजय राजनीति में कम से कम पास होना चाहते हैं, तो उन्हें पलानीस्वामी के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन करना होगा।' AIADMK नेता ने कहा, विजय अगर ऐसा नहीं करते हैं तो द्रमुक उन्हें उन्हें इसी चुनाव में राजनीतिक रूप से ख़त्म कर देगी।
विजय का अकेले चुनाव लड़ना द्रमुक की अप्रत्यक्ष मदद
उन्होंने कहा, 'अगर विजय अकेले यह कहकर चुनाव लड़ते हैं कि 'हम अपनी ताकत आजमाएंगे', तो तमिलनाडु के लोग इसे अप्रत्यक्ष रूप से द्रमुक की मदद ही मानेंगे। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में डीएमके के विकल्प के तौर पर जनता निश्चित रूप से एआईएडीएमके को ही चुनेगी। सीएम स्टालिन के विकल्प के तौर पर ई पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री चुना जाएगा।