तमिलनाडु में टीवीके सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का पालन न करने वाले एआईएडीएमके विधायकों पर अयोग्य घोषित होने की तलवार लटक रही है। एआईएडीएमके के विधायकों- इसाकी सुबैया, पी. सत्यभामा, एम. मरगथम कुमारवेल और एस. जयकुमार ने मुख्यमंत्री विजय सी जोसेफ के नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में मतदान किया था।
तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष ने पार्टी व्हिप के उल्लंघन और दलबदल गतिविधियों के कारण एआईएडीएमके के चार विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की है। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने कहा, "एआईएडीएमके की ओर से चारों विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं के संबंध में कार्रवाई शुरू की जा रही है।"
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विश्वास मत के दौरान बगावत में शामिल थे विधायक
टीवीके सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान एआईएडीएमके 25 बागी विधायकों के गुट ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का समर्थन किया था। एआईएडीएमके के मुख्य सचेतक की ओर से जारी व्हिप के अनुसार प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करना अनिवार्य था।
गौरतलब है कि बागी विधायकों के गुट में से चार ने इस्तीफा देकर टीवीके का दामन थाम लिया था। हालांकि बाद में बागी गुट ने महासचिव पलानीस्वामी से सुलह कर ली थी। हालांकि, इसके बाद से ही एआईएडीएमके के कई पदाधिकारी पार्टी छोड़कर टीवीके में शामिल हो चुके हैं।
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कार्रवाई से बचने के लिए इस्तीफे का खेल
अयोग्यता की कार्यवाही से बचने के लिए इन चारों विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और बाद में सत्तारूढ़ टीवीके पार्टी में शामिल हो गए। वहीं, एआईएडीएमके के महासचिव पलानीस्वामी द्वारा माफी का अनुरोध स्वीकार किए जाने के बाद, स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने शेष 21 बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है।
21 बागियों को मिला पलानीस्वामी से अभयदान
तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि 21 AIADMK विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिन्होंने 13 मई को हुए फ्लोर टेस्ट में टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था। यह फैसला अन्नाद्रमुक के प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच सुलह के कुछ दिनों बाद आया है। यह फैसला पलानीस्वामी द्वारा मामले को खारिज करने के औपचारिक अनुरोध के बाद लिया गया है।
वहीं, स्पीकर की ओर से चारों विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लेने के बाद चुनाव आयोग को सूचित कर दिया गया। अब इन निर्वाचन क्षेत्रों को चुनाव आयोग द्वारा रिक्त घोषित कर दिया गया है और उपचुनाव होंगे।