नाबालिगों के यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरामणि के खिलाफ जारी जांच में एक नया मामला सामने आया है। एक और लड़की ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई है। वह पहले से दर्ज एक मामले में गवाह थी।
कैसे हुआ अपराध का खुलासा?
यह मामला अक्तूबर 2025 का है, जब बाल अधिकार कार्यकर्ता ने एंटी-वाइस स्क्वॉड को एक पेन ड्राइव सौंपी थी। इसमें एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न का वीडियो था। पेन ड्राइव के साथ दिए गए नोट में आरोप लगाया गया था कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वीरामणि है और घटना महेंद्र सिम्हन तथा शांति के आवास पर हुई थी। पुलिस ने शुरुआत में पीड़िता की पहचान नहीं हो पाने का हवाला देते हुए मामले को बंद करने की रिपोर्ट दाखिल करने की कोशिश की थी। हालांकि, फरवरी 2026 में विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश ने इस कदम को खारिज करते हुए आगे जांच करने का आदेश दिया था।
सभी आरोपी गिरफ्तार
अदालत के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने तलाशी के दौरान मूल वीडियो बरामद किया और अगस्त 2026 में वीरामणि, शांति तथा महेंद्र सिम्हन को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया। पुलिस ने अब तक नाबालिगों के यौन उत्पीड़न से जुड़े कुल आठ मामले दर्ज किए हैं। वीरामणि को सभी आठ मामलों में गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों में शांति को तीन मामलों, लाजर को पांच मामलों, महेंद्र सिम्हन को दो मामलों और गणेशन को दो मामलों में गिरफ्तार किया गया है। वहीं, श्रीनिवासन, शक्तिवेल, बाबू और पार्थिबन को एक-एक मामले में गिरफ्तार किया गया है।
सभी आरोपी फिलहाल चेन्नई की पुझल केंद्रीय जेल में बंद हैं। इस बीच, पॉक्सो अदालत के एक न्यायाधीश ने तमिलनाडु सरकार को पीड़िताओं में से एक को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है। पुलिस अगले सप्ताह तक दर्ज आठ मामलों में से दो में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर सकती है।