इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (आईएल एंड एफएस) के पूर्व प्रमुख रवि पार्थसारथी को चेन्नई की आर्थिक अपराध शाखा ने 200 करोड़ रुपये की हेराफेरी में गिरफ्तार किया है।
रवि पार्थसारथी के खिलाफ ये कार्रवाई 63 मून्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की पिछले साल 20 सितंबर को दर्ज एफआईआर के तहत की गई है। अधिकारियों ने बताया कि रवि पार्थसारथी एक लाख करोड़ रुपये के आईएल एंड एफएस घोटाले का मास्टरमाइंड है। उसे तमिलनाडु की पीआईडी (जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम) कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप है कि आईएल एंड एफएस ने उसके साथ 200 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। इसके अलावा कुछ निवेशकों ने भी धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। पार्थसारथी ने करीब 30 वर्ष के कार्यकाल के बाद जून 2018 में आईएल एंड एफएस छोड़ दी थी। 2018 में इस कंपनी में बड़े आर्थिक संकट ने पूरे बाजार को हिला दिया है।