कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि केंद्र में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को नया स्वरूप दिया जाएगा। तमिलनाडु के तिरुपुर में लघु एवं मझोले उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद में यह भी भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार में एक कर, न्यूनतम के सिद्धांत पर अमल किया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और यूपीए बहुत स्पष्ट है कि अगर हम सरकार में आए तो हम जीएसटी में बदलाव करेंगे। हम आपको ऐसा जीएसटी देंगे जिसमें सिर्फ एक टैक्स होगा और वो कम से कम होगा। कांग्रेस नेता ने कहा, मेरी सोच है कि अगर भविष्य में हम चीन, बांग्लादेश या अन्य देशों के साथ स्पर्धा में आगे निकलना चाहते हैं तो यह एमएसएमई के माध्यम से ही हो सकता है। लघु एवं मझोले उद्योग देश में रोजगार सृजन की रीढ़ की हड्डी हैं। उन्होंने दावा किया कि देश इस वक्त रोजगार देने में असमर्थ है और अर्थव्यवस्था तबाह हो गई है।
राहुल गांधी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार आती है तो जीएसटी की व्यवस्था को नया स्वरूप दिया जाएगा। जीएसटी की मौजूदा व्यवस्था नहीं चल सकती। इससे एमएसएमई पर बड़ा भार पड़ेगा और हमारा आर्थिक तंत्र ध्वस्त हो जाएगा।
प्रधानमंत्री पर सीबीआई के इस्तेमाल का आरोप
राहुल गांधी ने तमिलनाडु के अपने तीन दिनों के दौरे का कोयंबटूर से आगाज किया। वह एक खुले वाहन में सवार होकर जनता से रुबरू हुए और विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित किया। पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान का आगाज करते हुए आरोप लगाया कि राज्य की अन्नाद्रमुक सरकार ने केंद्र सरकार के साथ समझौता कर लिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो चाहते हैं वो करवाने के लिए सीबीआई एवं दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं।
कांग्रेस नेता ने सहयोगी द्रमुक का उल्लेख किए बगैर कहा, मैं तमिलनाडु के लोगों के साथ मिलकर काम करूंगा ताकि आप लोगों को वो सरकार मिल सके जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा, मैं तमिलनाडु में एक ऐसी सरकार लाने में मदद करना चाहता हूं जो सही मामलों में गरीबों, किसानों, मजदूरों और छोटे एवं मझोले कारोबारियों का सम्मान करती हो।
द्रमुक-कांग्रेस रिश्तों में तनाव
द्रमुक और कांग्रेस के रिश्तों में उस वक्त तनाव दिखा जब हाल ही में द्रमुक ने कहा कि वह पुडुचेरी में सभी 30 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी। पुडुचरी में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है। राहुल गांधी के चुनावी अभियान में भी अब तक द्रमुक के पदाधिकारी नजर नहीं आए हैं।