विवाद खड़ा होते देखकर राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी सत्यब्रत साहू ने सफाई दी कि स्कूटी पर ईवीएम ले जाने वाले चुनाव आयोग के ही कर्मचारी थे। उन्होंने कहा कि उनके दो कर्मचारियों ने ये गलती की है और इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल मतदान के लिए नहीं हुआ था।
बता दें कि तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए 6 अप्रैल को एक ही फेज में वोटिंग हुई। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य में 72.78 फीसदी वोटिंग हुई। यहां बहुमत के लिए 118 सीटें जीतना जरूरी है। वर्ष 2016 में एआईएडीएमके ने 134 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। डीएमके को 97 सीटें मिली थीं।