अज्ञात लोगों ने पुलिस के दो वाहनों में आग लगा दी। गुस्साए लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। स्थानीय लोग कॉपर यूनिट को बंद करने की मांग को लेकर पिछले 100 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित इकाई की वजह से क्षेत्र में भूजल प्रदूषित हो रहा है। दूसरी तरफ तमिलनाडु सरकार ने तूतीकोरिन हिंसा के मामले में मद्रास हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज अरुणा जगदीशन के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया है। वह सरकार को घटना के संबंध में अपनी रिपोर्ट देंगी।
तूतीकोरिन के स्टरलाइट कारखाने में परिचालन बंद
स्टरलाइट कॉपर ने बुधवार को कहा कि तूतीकोरिन जिले में उसके कारखाने में फिलहाल परिचालन बंद है। इस कारखाने में परिचालन फिर शुरू करने के लिए फिलहाल कंपनी को प्रशासन की मंजूरी का इंतजार है। स्टरलाइट ने कहा कि यह कारखाना 27 मार्च से ही बंद है। सालाना रखरखाव के लिए कंपनी ने उस दिन से परिचालन बंद किया था। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कॉपर स्मेल्टर सुविधा के परिचालन को लाइसेंस नवीकरण का कंपनी का आवेदन खारिज कर दिया था। मंगलवार को हुई हिंसा के बाद स्टरलाइट के स्वामित्व वाली कंपनी वेदांता के शेयरों में बुधवार को छह फीसदी की गिरावट देखने को मिली।