तमिलनाडु के शिवगंगा में 29 साल के युवक अजीतकुमार की पुलिस हिरासत में संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने इसे अक्षम्य बताते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का ऐलान किया। पहले छह पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए, फिर पांच की गिरफ्तारी हुई। सीएम ने भरोसा दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पारदर्शी जांच होगी।
तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में पुलिस हिरासत में हुई युवक की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। इस मामले में मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने बड़ा कदम उठाते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है। 29 वर्षीय अजीत कुमार की मौत को लेकर विपक्ष से लेकर आम जनता तक में भारी आक्रोश है।
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मिली जानकारी के मुताबिक, अजीत कुमार को पूछताछ के लिए तिरुपुवनम पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसी दौरान कथित रूप से पुलिस की मारपीट के चलते उसकी मौत हो गई। मौत की खबर सामने आते ही स्थानीय लोगों और अजीत कुमार के परिवार ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।
सीएम स्टालिन ने जताया दुख
मुख्यमंत्री स्टालिन ने बयान जारी कर कहा कि अजीत कुमार की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह घटना पुलिस द्वारा की गई हिंसा का नतीजा है, जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। स्टालिन ने कहा कि वह शुरू से ही पुलिस कर्मियों को मानवीय व्यवहार अपनाने की सीख देते रहे हैं।
पहले छह सस्पेंड, अब पांच पर केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने पहले ही छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। अब इनमें से पांच पुलिसकर्मियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, जिले के एसपी को अनिवार्य प्रतीक्षा पर भेज दिया गया है और एक डीएसपी को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
परिवार से मिले सीएम स्टालिन
मुख्यमंत्री स्टालिन ने अजीत कुमार के परिजनों से बातचीत कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
हाईकोर्ट ने दी थी सीबी-सीआईडी जांच की मंजूरी
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने पहले इस मामले में सीबी-सीआईडी जांच की अनुमति दी थी। लेकिन, पांच पुलिसकर्मियों पर सीधे आरोप लगने और जनता में भरोसा कायम रखने के लिए मुख्यमंत्री ने अब जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को सख्त संदेश देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए। राज्य सरकार इस मामले में सीबीआई को पूरा सहयोग देगी।