तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने आज अपने पहले दिल्ली दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात की आधिकारिक तस्वीर प्रधानमंत्री कार्यालय के एक्स हैंडल (पीएमओ) पर जारी हुई। पीएमओ के एक्स हैंडल पर इस मुलाकात के बारे में लिखा गया, 'तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की।' कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी और विजय की ये मुलाकात 12 वर्षों के बाद हुई है। हालांकि, किसी आधिकारिक बयान में इस तथ्य की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।
विजय के केंद्र सरकार से राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार, लंबित वित्तीय आवंटन, औद्योगिक विकास योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए अधिक सहयोग मांगने की संभावना है। माना जा रहा है कि ये परियोजनाएं तमिलनाडु की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
यह दौरा राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय और उनकी पार्टी टीवीके ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया।
अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सभी को चौंका दिया। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े 118 सीटों से पीछे रह गई थी, जिसके बाद राज्य में तेज राजनीतिक गतिविधियां शुरू हुईं।
इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री की नीदरलैंड यात्रा के दौरान अनाईमंगलम तांबे की प्लेटों को वापस भारत लाने के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने श्रीलंका नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अकेले 2026 में ही ऐसी 12 गिरफ्तारियां हुई हैं, 58 मछुआरे वर्तमान में श्रीलंका की हिरासत में हैं और 266 मछली पकड़ने वाली नौकाएं जब्त की गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से श्रीलंका सरकार से मछुआरों और उनकी नौकाओं को तुरंत रिहा करने का आग्रह करने का अनुरोध किया।
विजय ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़ी बंदरगाह, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे परियोजनाओं और औद्योगिक कॉरिडोर के लिए प्राथमिकता के आधार पर फंड देने की मांग की। इसके लिए उन्होंने एक ज्ञापन भी सौंपा।