Tamil Nadu: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपील की कि वह कूटनीतिक चैनलों के जरिए श्रीलंका से तमिलनाडु के मछुआरों और उनकी नौकाओं की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करें और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए कदम उठाएं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन ने मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने श्रीलंकाई सेना द्वारा गिरफ्तार किए गए मछुआरों की तत्काल रिहाई के लिए कूटनीतिक प्रयास करने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने मछुआरों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए भी कदम उठाने की मांग की।
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पत्र में स्टालिन ने आज की घटना का जिक्र किया है, जिसमें श्रीलंकाई नौसेना ने रामेश्वरम के 17 मछुआरों को उनकी नौका के साथ गिरफ्तार किया है। इन नौकाओं का पंजीकरण नंबर आईएनडी-टीएन-10-एमएम-206 और आईएनडी-टीएन-10-एमएम-543 था।
'हमले में घायल हुए तीन मछुआरे'
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने 20 दिसंबर 2024 को नागपट्टिनम जिले के कोडियरक्कारई गांव में मछुआरों पर हुए हमले का भी जिक्र किया। छह अज्ञात श्रीलंकाई नागरिकों ने दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर हमला किया था, जिसमें तीन मछुआरे घायल हो गए। हमलावरों ने मछुआरों से जीपीएस उपकरण, वीएचएफ उपकरण, मछली पकड़ने की जाल, मोबाइल फोन और मछलियां लूट ली थीं।
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'2024 में 530 भारतीय मछुआरों को किया गिरफ्तार'
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की वजह से मछुआरों की जिंदगी संकट में आ गई है। मछुआरे अपने पारंपरिक जल क्षेत्र पर निर्भर हैं और उन्हें बार-बार गिरफ्तारी व हमलों का सामना करना पड़ता है। 2024 में अब तक 530 मछुआरो को गिरफ्तार किया गया है और 71 मछली पकड़ने वाली नौकाओं को जब्त किया गया है।
'मछुआरों की रिहाई सुनिश्चित करें'
स्टालिन ने विदेश मंत्री जयशंकर से अपील की कि वह कूटनीतिक चैनलों के जरिए मछुआरों और उनकी नौकाओं की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करें और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए कदम उठाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं मछुआरों के बीच डर और अनिश्चितता पैदा कर रही हैं, जो केवल मछली पकड़ने पर ही निर्भर रहते हैं।