तमिलनाडु में 6 अक्तूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (सीपीआईएम) ने टीवीके पर वोट के बदले नकदी बांटने का आरोप लगाया है। सीपीआईएम का कहना है कि उसे लोगों से ऐसी शिकायतें मिली हैं कि टीवीके अन्य दलों की तुलना में सबसे अधिक पैसा बांट रही है।
सीपीआई एम राज्य सचिव पी. षणमुगम ने चुनाव अधिकारियों से मतदाताओं को किसी भी तरह का प्रलोभन देने से रोकने के लिए कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने उन दलों के नेताओं से भी स्पष्टीकरण मांगा, जिन पर मतदाताओं को पैसे देने का आरोप है। तमिलनाडु में मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर 6 अक्तूबर को उपचुनाव होने हैं। दोनों सीटें आरक्षित हैं।
मदुरांतकम के गांवों का दौरा करने का दावा
षणमुगम ने बताया कि उन्होंने 30 सितंबर को मदुरांतकम विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने लोगों से वोट मांगने के लिए केवल पर्चे बांटे। इसके साथ अपनी विचारधारा, मुद्दों पर अपना रुख और सीपीआईएम को वोट देने की वजह बताई। इसके विपरीत, उनके आरोप के अनुसार अन्य दलों ने वोट के लिए नकदी बांटी।
उन्होंने कहा, "कुछ गांवों में लोगों ने हमें बताया कि दूसरी पार्टियां वोट के लिए पैसे दे रही हैं, जबकि सीपीआईएम केवल पर्चे बांट रही है। मैंने उनसे पूछा कि किन पार्टियों ने पैसे दिए हैं। मतदाताओं ने कहा कि टीवीके ने सबसे ज्यादा पैसे दिए हैं।" उन्होंने दावा किया कि अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रचार किया था कि उनकी पार्टी "शुद्ध ताकत" है और वोट के लिए पैसे नहीं देगी।
षणमुगम ने कहा कि उपचुनाव के प्रचार के दौरान विजय अब भी वोट के बदले पैसे के खिलाफ इसी रुख को दोहरा रहे हैं, लेकिन लोगों की ओर से इसके विपरीत बातें कही जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया, "हालांकि, लोगों ने कहा है कि टीवीके सबसे ऊपर है। उनका कहना है कि जिन पार्टियों ने पैसे दिए हैं, उनमें टीवीके ने सबसे ज्यादा पैसा दिया है।"
'लोग सीपीआईएम से भी कुछ देने को कह रहे'
उन्होंने दावा किया कि कुछ मतदाताओं का कहना है कि सीपीआईएम टीवीके की ओर से बांटी जा रही रकम की बराबरी नहीं कर पाएगी। इसके बावजूद वे मार्क्सवादी पार्टी से कम से कम कुछ देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी हो गई है कि जनता सीपीआईएम के साथ भी पैसे को लेकर मोलभाव कर रही है।
षणमुगम ने कहा, "हमने स्पष्ट कर दिया है कि सीपीआईएम और वाम दल वोट के लिए पैसे नहीं देंगे और हमने कभी ऐसा नहीं किया है। हमने लोगों को अपनी ताकत, जनता और मजदूर वर्ग के लिए किए गए संघर्ष के बारे में बताया है और वे हमारे साथ हैं।"
चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
सीपीआईएम नेता ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर से मिली जानकारी के अनुसार उपचुनाव के लिए अन्य दल बड़े पैमाने पर पैसे बांट रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इस तरह के कथित प्रलोभन को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन दलों पर पैसे बांटने का आरोप है, उनके नेताओं को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने बताया कि सीपीआईएम इस संबंध में अधिकारियों के पास "वोट के लिए नकदी" को लेकर औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराएगी।
दोनों सीटों पर अलग-अलग चुनाव लड़ रहे वाम दल
सीपीआईएम ने मदुरांतकम विधानसभा सीट से पी. सुगंथी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि सीपीआई ने धारापुरम सीट से पी. लक्ष्मणन को मैदान में उतारा है। वाम मोर्चा बाहर से टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करता है। हालांकि, उसने न तो टीवीके सरकार में शामिल होकर सत्ता में हिस्सेदारी ली है और न ही सत्तारूढ़ दल के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा बना है। 6 अक्तूबर के उपचुनाव में वाम दल अलग मोर्चे के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और चुनाव प्रचार के दौरान टीवीके का लगातार विरोध कर रहे हैं।