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TN Polls: डीएमके संग 32 सीटों की मांग पर फंसा पेंच, कांग्रेस की समयसीमा हो रही खत्म; अधर में गठबंधन का भविष्य

Tue, 03 Mar 2026 12:46 PM IST
Love Gaur न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई (तमिलनाडु)

सार

TN Assembly polls: तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की तरफ से कांग्रेस के लिए तय की गई सीट-बंटवारे की समय सीमा समाप्त हो गई है। ऐसे में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि सीटों के बंटवारे को लेकर अभी भी गतिरोध बना हुआ है।
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तमिलनाडु चुनाव: सीटों के बंटवारे पर डीएमके-कांग्रेस में गतिरोध जारी - फोटो : ANI Photos
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विस्तार
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तमिलनाडु में चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस और डीएमके के गठबंधन के बीच सीट शेयरिंग को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इस बीच सत्तारूढ़ दल डीएमके और कांग्रेस पार्टी के बीच सीट बंटवारे की समय सीमा भी मंगलवार यानी आज समाप्त हो रही है, लेकिन अब तक किसी तरह की सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे हालात में डीएमके और कांग्रेस गठबंधन के भविष्य को लेकर अटकलें भी तेज हो गई हैं।
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सीटों के बंटवारे में अनिश्चितता
पार्टी सूत्रों के अनुसार डीएमके नेतृत्व ने कांग्रेस से एक निश्चित समय-सीमा के भीतर अपनी अंतिम स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। डीएमके आगामी चुनावों के लिए सीट-बंटवारे की व्यवस्था को जल्द से जल्द अंतिम रूप देकर प्रचार अभियानों की तैयारी में जुटना चाहती है। हालांकि समय बीतने के साथ यह अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या दोनों सहयोगी दल अपने मतभेदों को दूर कर पाएंगे।

2021 का फॉर्मूला और कांग्रेस की मांग
पिछले 2021 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के तहत 25 सीटें आवंटित की गई थीं। वर्तमान रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि डीएमके आगामी चुनावों के लिए भी इसी फॉर्मूले को बनाए रखने पर विचार कर रही है, यानी कांग्रेस को फिर से 25 विधानसभा सीटें देने की पेशकश। इसके अतिरिक्त, गठबंधन की व्यापक समझ के तहत डीएमके ने कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट देने पर भी सहमति जताई है।
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हालांकि, कांग्रेस पार्टी इस बार कम से कम 35 विधानसभा सीटों की मांग कर रही है। पार्टी का तर्क है कि उनकी संगठनात्मक उपस्थिति और चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें अधिक सीटों का हकदार माना जाना चाहिए।

गतिरोध और नई पार्टियों का प्रभाव
कांग्रेस द्वारा अधिक सीटों पर जोर देने के कारण पिछले कुछ दिनों से बातचीत में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। डीएमके के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस का कोटा बढ़ाना मुश्किल होगा, खासकर तब जब गठबंधन में नई पार्टियां भी शामिल हुई हैं। कई सहयोगी दलों द्वारा प्रतिनिधित्व की मांग के बीच, डीएमके विभिन्न दावों को संतुलित करने का प्रयास कर रही है, साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रही है कि सीटों का आवंटन रणनीतिक रूप से व्यवहार्य रहे।

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गठबंधन पर संभावित प्रभाव
इस मामले में यह भी संकेत मिल रहे हैं कि यदि कांग्रेस की 35 सीटों की मांग पूरी नहीं होती है, तो वह गठबंधन में अपनी स्थिति का पुनर्मूल्यांकन कर सकती है, हालांकि इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। समय सीमा समाप्त होने के साथ ही अब सभी की निगाहें दोनों पार्टियों के नेतृत्व पर टिकी हैं कि क्या कोई समझौता हो पाता है या यह गतिरोध गहराता है, जो तमिलनाडु में आगामी महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों को नया आकार दे सकता है।

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