तमिलनाडु में साल 2021 का चुनाव राज्य के इतिहास के दो सबसे कद्दावर नेताओं- एआईएडीएमके की जे. जयललिता और डीएमके के एम. करुणानिधि के निधन के बाद पहला विधानसभा चुनाव था। जहां द्रविड़ मुनेत्र कझगम का नेतृत्व करुणानिधि के बेटे एमके. स्टालिन कर रहे थे, तो वहीं अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) का नेतृत्व ई. पलानीस्वामी के हाथ में था।
यह भी पढ़ें -
Puducherry Election Schedule: दक्षिण भारत का राज्य जहां भाजपा बनवाती है सरकार, क्या है यहां चुनावी कार्यक्रम
इस चुनाव में द्रमुक ने अन्नाद्रमुक के न सिर्फ 10 साल के शासन का अंत किया, बल्कि करारी शिकस्त भी दी। डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस ने 234 में से 159 सीट जीत कर धाक जमाई। इसमें द्रमुक को 133 सीट और कांग्रेस 18 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थीं। दूसरी तरफ एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए को कुल 75 सीट मिली थीं। इनमें अन्नाद्रमुक को 66 सीटें और भाजपा को चार सीटें मिली थीं। इस प्रचंड जीत के बाद 7 मई 2021 को स्टालिन ने तमिलनाडु के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वहीं एआईएडीएमके के पलानीस्वामी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुने गए।
संबंधित वीडियो