तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके गठबंधन में शामिल कांग्रेस को अधिक सीटें नहीं देना चाहती है। कांग्रेस इसके लिए डीएमके नेताओं के मान-मनौवल में जुटी है। 234 सदस्यीय विधानसभा में डीएमके इस बार कांग्रेस को केवल 20 सीट ही देना चाहती है, जबकि पिछली बार वह 41 सीटों पर लड़ी थी, जिसमें उसे आठ पर जीत मिली थी।
बिहार चुनाव में 74 सीटों पर लड़ने के बावजूद 19 जी जीत पाने के बाद कांग्रेस पर सहयोगी दलों का विश्वास कमजोर हुआ। यही कारण है कि इस बार पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को 92 से ज्यादा सीट नहीं मिली।
तमिलनाडु में डीएमके कांग्रेस को वही सीटें देना चाहती है, जहां जीती थी या दूसरे नंबर पर रही थी। डीएमके पिछले चुनाव नतीजों के आधार पर कांग्रेस को 20 सीटें देना चाहती है।
कांग्रेस चाहती है कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के आधार पर उसे कम से कम 30 सीट मिले। कांग्रेस और डीएमके 2006 से साथ चुनाव लड़ रहे हैं। डीएमके इस चुनाव को अपने पक्ष में देख रही है यही कारण है कि वह खुद 175 सीटों पर लड़ना चाहती है। कांग्रेस और वामदलों को 59 सीटें देना चाहती है।