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तमिलनाडु: विरोध के बाद झुकी विजय सरकार, मुख्यमंत्री के ज्योतिषी रिकी राधन पंडित की ओएसडी नियुक्ति हुई रद्द

Wed, 13 May 2026 02:16 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

तमिलनाडु की सरकार ने विरोध के बाद विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) पद पर रिकी राधन पंडित की नियुक्ति रद्द कर दी है। टीवीके प्रवक्ता और पेशे से ज्योतिषी रिकी की नियुक्ति को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे, जिसके बाद सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया।
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ज्योतिषी रिकी राधन पंडित की नियुक्ति हुई रद्द - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तमिलनाडु की टीवीके (TVK) सरकार ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में ज्योतिषी रिकी राधन पंडित की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। यह फैसला नियुक्ति के महज एक दिन बाद ही भारी विरोध और राजनीतिक आलोचनाओं के चलते लिया गया है।
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नियुक्ति हुई रद्द
सरकार के प्रधान सचिव ने 13 मई को एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि रिकी राधन पंडित की ओएसडी के रूप में नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है। रिकी राधन पंडित न केवल एक ज्योतिषी हैं, बल्कि वे टीवीके पार्टी के प्रवक्ता भी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान वे मुख्यमंत्री के बेहद करीबी सहयोगी रहे।

ये भी पढ़ें: Tamil Nadu: मुख्यमंत्री विजय ने अपने ज्योतिषी को बनाया अपना OSD, रिकी राधन पंडित ने ही की थी जीत की भविष्यवाणी
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विपक्षी दलों ने किया था नियुक्ति का विरोध
इस नियुक्ति को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखे हमले किए थे। एआईएडीएमके (AIADMK) के राज्यसभा सांसद आईएस इनबदुरई ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि ज्योतिषी अपनी खुद की किस्मत का अंदाजा नहीं लगा पाए और विजय सरकार के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। वहीं, डीएमके (DMK) के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि एक ज्योतिषी केवल भविष्यवाणी कर सकता है, लेकिन सरकार चलाने के लिए नियमों और शक्तियों की समझ रखने वाले सलाहकार की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी पार्टी से ज्यादा ज्योतिषी पर भरोसा है।

विधानसभा में भी इस मुद्दे पर हुआ हंगामा
विधानसभा में भी इस मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ। डीएमके के सहयोगी दल एमजेके (MJK) के अध्यक्ष थमीमुन अंसारी ने कहा कि सरकार में ज्योतिष के फार्मूले शामिल नहीं होने चाहिए। व्यक्तिगत विश्वास अलग बात है, लेकिन इसे सरकारी कामकाज में नहीं लाना चाहिए। डीएमडीके (DMDK) की महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने भी इस नियुक्ति की कड़ी निंदा की।
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इन विवादों के बीच, टीवीके सरकार ने बुधवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया। फ्लोर टेस्ट के दौरान सरकार को 144 विधायकों का समर्थन मिला। हालांकि पार्टी और उसके सहयोगियों के पास सदन में 120 विधायक थे, लेकिन एआईएडीएमके के बागी विधायकों के समर्थन से सरकार ने यह जीत हासिल की।

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