मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध पी माई की खंडपीठ ने आयुक्त कार्यालय को सुनवाई की अगली तारीख 11 सितंबर तक एक हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। फिलहाल इस मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अहमदाबाद में दो ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल और एक ट्रैफिक ब्रिगेड (टीआरबी) जवान द्वारा टैक्सी में यात्रा कर रहे एक दंपती से 60 हजार रुपये वसूलने के मामले का गुजरात हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। हाई कोर्ट ने इस मामले में अहमदाबाद पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
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मामले में मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध पी माई की खंडपीठ ने आयुक्त कार्यालय को सुनवाई की अगली तारीख 11 सितंबर तक एक हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। फिलहाल इस मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक दंपति और उनका एक साल का बेटा 25 अगस्त को थाईलैंड में छुट्टियों से लौटने और हवाई अड्डे पर उतरने के बाद लगभग एक बजे कैब में यात्रा कर रहे थे। उसी दौरान दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और एक टीआरबी जवान ने उन्हें रोक लिया। चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल जबरन कैब में घुस गए और जोड़े को पुलिस आयुक्त की अधिसूचना के उल्लंघन के लिए मामला दर्ज करने की धमकी दी।
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इस दौरान, व्यक्ति को एक कांस्टेबल पुलिस वैन में ले गया, जबकि अन्य दोनों ने कैब में बैठी महिला को परेशान किया। पुलिस कर्मियों ने उनसे दो लाख रुपये की मांग की, अंत में उन्होंने उनसे 60,000 रुपये वसूल लिए। इसके लिए दंपती को एक एटीएम में ले जाकर नकदी निकालने के लिए मजबूर किया गया।