अतरसुइया इलाके में 13 साल की दिव्यांग बालिका से सामूहिक बलात्कार की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया, परिजनों के साथ ही पुलिसवाले भी बालिका की दशा देख दुखी थे लेकिन डफरिन अस्पताल की महिला डॉक्टर ने वैसी ही बेरहमी दिखाई। पहले तो उसने इलाज में टालमटोल किया फिर टांके लगाने के बाद बोली कि लड़की को यहां से ले जाओ वरना बाहर फेंक दिया जाएगा।
इस संवेदनहीन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट दी जा रही है। इस बीच पुलिस ने गैंग रेप करने वाले दो लोगों के साथ ही बालिका को आरोपियों के पास ले जाने वाले युवक को भी गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें जेल भेजा गया है। मंगलवार दोपहर दो लोगों की दरिंदगी की शिकार बालिका को पुलिस डफरिन अस्पताल ले गई थी, जहां उसे आठ टांके लगाए गए। बालिका की हालत देख परिजनों के साथ ही पुलिसवाले भी दुखी थे। मगर डफरिन की एक महिला डॉक्टर की संवेदनहीनता ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।
उसने पहले तो बालिका को डफरिन में भर्ती करने से ही नकार किया। पुलिस के आग्रह पर बालिका को आठ टांके लगाने के बाद उस डॉक्टर ने परिजनों और पुलिस से कहा कि लड़की को यहां से एसआरएन अस्पताल ले जाओ वरना उसे बाहर फेंक दिया जाएगा। यह सुनकर बालिका के माता-पिता रोने लगे। वे डॉक्टर से हाथ जोड़कर बेटी का इलाज करने की मिन्नत करने लगे।
इंस्पेक्टर अतरसुइया ने एसपी सिटी को फोन से बताया तो उन्होंने सीएमओ से बात की और उनसे कहा कि बालिका को रात भर डफरिन में रखा जाए वरना दूसरे अस्पताल ले जाते वक्त टांके टूटने पर उसकी हालत और खराब हो सकती है। सीएमओ ने आदेश किया तब जाकर महिला डॉक्टर ने बालिका को भर्ती किया मगर परिजनों को खरी-खोटी सुनाती रही। एसपी सिटी विपिन टाडा ने बताया कि डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट अफसरों को भेजी जाएगी।