आगरा की लोकल कोर्ट में चल रहे तेजोमहालय बनाम ताजमहल मामले में भारत सरकार और केंद्रीय पुरातत्व विभाग की ओर से जवाब दाखिल कराया गया है। जवाब में कहा गया है कि ताजमहल शिव मंदिर नहीं है बल्कि शाहजहां द्वारा मुमताज महल की याद में बनवाया गया मकबरा ही है।
जवाब में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया गया। कहा गया कि ताजमहल के संबंध में कोई सुनवाई स्थानीय कोर्ट में नहीं की जा सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लखनऊ निवासी हरिशंकर जैन ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जिसमें दावा किया गया था कि ताजमहल एक
शिव मंदिर है, जिसका नाम तेजोमहालय है। इस याचिका में केंद्र सरकार और केंद्रीय पुरातत्व विभाग को पक्षकार बनाया गया है।
मामले में हरिशंकर जैन के वकील राजेश कुलश्रेष्ठ ने दाखिल जवाब पर आपत्ति जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार और पुरातत्व विभाग द्वारा जारी जवाब को अपूर्ण बताया है। पीठासीन न्यायधीश अभिषेक सिन्हा ने अगली सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख तय की है।