डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड(डीएफसीसी) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर ताज ट्रेपिज्यम जोन(टीटीजेड) में 493 पेड़ों को काटने की इजाजत मांगी है। एक परियोजना को अंजाम देने के लिए डीएफसीसी ने यह इजाजत मांगी है।
न्यायमूर्ति पीसी घोष और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की अवकाशकालीन पीठ ने डीएफसीसी की याचिका पर अदालत द्वारा गठित केंद्रीय अधिकारप्राप्त समिति(सीईसी) को चार हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल करने केलिए कहा है। पीठ ने डीएफसीसी से सीईसी को तमाम दस्तावेज मुहैया कराने के लिए कहा है।
डीएफसीसी इस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बना रही है, जो दानकुनी(पश्चिम बंगाल) से लुधियाना के बीच बनना है। इस परियोजना के मद्देनजर उसने ताज ट्रेपिज्यम जोन(टीटीजेड) में पेड़ों को काटने की इजाजत मांगी है।
वकील एस वसीम कादरी के माध्यम से दाखिल डीएफसीसी की याचिका में कहा किया कि इस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को आगरा और फरीदाबार से होकर गुजरना है। इसका एक हिस्सा टीटीजेड से होकर गुजरना है। वहां पर इलेक्ट्रिक ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया जाना है। लिहाजा टीटीजेड में 493 पेड़ों को काटने की इजाजत दी जाए। उन्होंने बताया कि यह इको फ्रेंडली प्रोजक्ट है।