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Odisha: महिला का मिला था शव, नहीं हो पा रही थी पहचान, फिर दर्जी के टैग के जरिए पकड़ में आए तीन हत्यारे; जानें

Mon, 16 Dec 2024 12:22 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटक

सार

कटक के डीसीपी जगमोहन मीना ने बताया कि मृतिका की पहचान नहीं हो पा रही थी। यहां तक कि किसी भी पुलिस स्टेशन में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। सिर्फ हथियार के सिवाय कोई और सुराग नहीं था। 
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पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ओडिशा के कटक में पुलिस ने एक रहस्यमयी हत्या को बड़े ही फिल्मी अंदाज में सुलझा लिया है। ऑनलाइन पेमेंट और दर्जी के टैग के जरिए हत्याकांड के आरोपियों पर शिकंजा कसा है। कटक की काठजोड़ी नदी किनारे मिली महिला की हत्या के मामले में महिला के पति और दो देवरों को गिरफ्तार किया गया है। 

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कुछ दिनों पहले मिली थी लाश
दअरसल, 13 दिसंबर की सुबह कटक के कंदरपुर इलाके में काठजोड़ी नदी के किनारे एक 35 वर्षीय महिला की लाश मिली। घटना की जानकारी मिलते ही कंदरपुर थानाधिकारी तथा एसीपी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड पहुंची और जांच में सहयोग किया। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार (चापड़) को भी पुलिस ने बरामद कर लिया।

महिला की नहीं हो पा रही थी पहचान
कटक के डीसीपी जगमोहन मीना ने कहा, 'मृतक की पहचान नहीं हो पा रही थी। यहां तक कि किसी भी पुलिस स्टेशन में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। सिर्फ हथियार के सिवाय कोई और सुराग नहीं था। मामले की तह तक जाना एक बड़ी चुनौती थी। महिला के दोनों हाथ पर टैटू था, लेकिन उससे भी उसकी पहचान करने में कोई मदद नहीं मिली।'
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न्यू स्टार टेलर्स का मिला टैग...
उन्होंने कहा कि जांच करने पर घटनास्थल के पास एक खून से सनी शर्ट और पैंट मिली। कपड़ों में 'न्यू स्टार टेलर्स' का टैग लगा हुआ था। इसी सुराग के जरिए मामले की तह तक जाने में जुट गए। ओडिशा में इस नाम के करीब 10 दर्जियों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसी बीच, एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर जानकारी दी कि ऐसा दर्जी गंजाम जिले के भंजनगर में हो सकता है। पुलिस तुरंत हरकत में आई और गंजाम जिले के भंजनगर थाने के एसडीपीओ को दुकान का पता लगाने को कहा गया।

फिल्मी तरीके से सुलझा मामला
उन्होंने आगे बताया कि जांच में गंजाम जिले के जगन्नाथप्रसाद पुलिस थाने के आईआईसी ने दुकान का पता लगाकर वहां तक पहुंचने की कोशिश की पर वहां भी टैग का मिलान नहीं हुआ। हालांकि, दर्जी ने बताया कि ऐसा टैग गुजरात में इस्तेमाल होता है। इसके बाद गुजरात की पुलिस से संपर्क किया गया और सूरत में एक दर्जी का पता चला। टैग पर लिखा नंबर 3833 की जांच करने पर बाबू नाम के ग्राहक का पता चला। हालांकि, इसके बाद फिर जांच की सुई अटक गई क्योंकि कुछ और जानकारी नहीं थी। मगर फिर दर्जी को याद आया कि उसने ग्राहक को ऑनलाइन 100 रुपये लौटाए थे। 

पुलिस ने उस नबंर पर तुरंत संपर्क किया और बाबू की असली पहचान 27 वर्षीय जगन्नाथ दुहरी के रूप में हुई, जो केंद्रपाड़ा जिले का रहने वाला था। पुलिस को उसकी जांच करते वक्त पता चला कि वह सूरत जा रही एक ट्रेन में सफर कर रहा है। रायगड़ा पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और उन्होंने मुनिगुड़ा स्टेशन के पास ट्रेन से उसे गिरफ्तार कर लिया।  

पति और देवर ने मिलकर की थी हत्या
पूछताछ में पता चला कि महिला, जगन्नाथ की भाभी थी। उसने अपने भाई बलराम दुहरी और हपी दुहरी के साथ मिलकर हत्या की थी। हत्या की वजह पारिवारिक विवाद था। बलराम को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था, जिससे गुस्से में आकर उसने यह भयानक कदम उठाया। केंद्रपाड़ा पुलिस की मदद से जल्द ही बलराम दुहरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बहरहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

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