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Tahawwur Rana: पाकिस्तान का नापाक चेहरा होगा उजागर, 26/11 के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा की वापसी से होंगे खुलासे

Wed, 09 Apr 2025 01:12 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Tahawwur Rana Extradition: मुंबई में 26/11 आतंकी हमलों के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पण किया जा रहा है। वहीं इससे जुड़े सूत्रों का कहना है कि- तहव्वुर राणा की गवाही से उन पाकिस्तानी सरकारी अधिकारियों की भूमिका उजागर हो सकती है जो 26/11 की साजिश में शामिल थे।
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तहव्वुर हुसैन राणा, 26/11 आतंकवादी हमले का आरोपी - फोटो : ANI
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विस्तार
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मुंबई में हुए 26/11 आतंकवादी हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को जल्द ही अमेरिका से भारत लाया जा सकता है। भारतीय जांच एजेंसियों का मानना है कि उसकी वापसी से इस भयावह आतंकी हमले में पाकिस्तान के सरकारी एजेंटों की संलिप्तता का पर्दाफाश हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, राणा अमेरिका में अपनी सभी कानूनी अपीलें हार चुका है और अब उसकी भारत को प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। भारत की एक मल्टी-एजेंसी टीम पहले ही अमेरिका पहुंच चुकी है ताकि उसे भारत लाया जा सके।
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अमेरिका से राणा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया
आरोपी तहव्वुर राणा ने अमेरिका की अदालतों में अपने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए कई बार अपील की। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उसकी अंतिम अपील खारिज कर दी। जस्टिस एलेना केगन और फिर चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स की अदालत में उसकी अर्जी अस्वीकार कर दी। इसका मतलब है कि अब राणा को भारत लाने में कोई कानूनी अड़चन नहीं बची है।

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भारत में तहव्वुर राणा की भूमिका
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तहव्वुर राणा को 26/11 हमलों के सह-साजिशकर्ता के रूप में चार्जशीट किया है। आरोप है कि उसने डेविड हेडली को भारत में ठहरने और घूमने के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया। मुंबई, दिल्ली, कोच्चि, आगरा, हापुड़ और अहमदाबाद में उसके साथ यात्रा की। चाबड़ हाउस और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज जैसे ठिकानों की रेकी में मदद की। आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हरकत-उल-जिहादी-इस्लामी (एचयूजेआई) से संबंध बनाए रखे।

आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका
जांच एजेंसियों का मानना है कि तहव्वुर राणा की गवाही से उन पाकिस्तानी सरकारी अधिकारियों की भूमिका उजागर हो सकती है जो 26/11 की साजिश में शामिल थे। इनमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी जैसे मेजर इकबाल और मेजर समीर अली शामिल हैं। इसके अलावा हाफिज सईद (लश्कर-ए-तैयबा का मुखिया), जकी-उर-रहमान लखवी, साजिद मजीद, इलियास कश्मीरी, अब्दुर रहमान हाशिम सईद उर्फ मेजर अब्दुर रहमान (पासा) के नाम भी इस हमले की साजिश में सामने आए हैं।

अमेरिका की भारत को मदद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2025 की शुरुआत में व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अमेरिका बहुत बुरे लोगों को भारत के हवाले करने को तैयार है –जिसमें तहव्वुर राणा भी शामिल हैं।
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तहव्वुर राणा के वापसी के बाद आगे की प्रक्रिया
भारत में तहव्वुर राणा को लाकर पहले एनआईए की हिरासत में रखा जाएगा, ताकि उससे पूछताछ की जा सके। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश करेंगी कि उसने किन-किन ठिकानों की रेकी की? किस पाकिस्तानी अधिकारी से उसका सीधा संपर्क था? हेडली और अन्य आतंकियों के साथ उसकी बातचीत में क्या योजनाएं बनीं?

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कौन है तहव्वुर राणा?
तहव्वुर हुसैन राणा पाकिस्तान मूल का कनाडाई नागरिक है। वह अमेरिका में पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी रहा है। डेविड कोलमैन हेडली 26/11 हमलों का एक बड़ा साजिशकर्ता था और उसने हमले से पहले मुंबई में कई जगहों की रेकी (जांच) की थी। तहव्वुर राणा को अक्तूबर 2009 में अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने शिकागो से गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि उसने मुंबई और डेनमार्क में आतंकी हमलों के लिए हेडली की मदद की थी।

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