झारखंड के सरायकेला जिले में कदमडीह गांव के मोहम्मद तबरेज अंसारी के साथ कथित तौर पर 'मॉब लिंचिंग' की घटना हुई। चोरी के आरोप में पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पीटा। उससे जबरदस्ती ‘जय श्री राम’ के नारे लगवाये गए और इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। कथित तौर पर इसी पिटाई के कारण बाद में उसकी मौत हो गई। पिटाई के समय का एक विडियो भी सामने आया है जो इस घटना की पुष्टि करता है। लेकिन क्या इस घटना का पूरा सच यही है? या इस कहानी को जबरदस्ती मॉब लिंचिंग का रूप दिया जा रहा है और इसके पीछे 'कुछ' छिपाने की कोशिश की जा रही है? एक उच्च अधिकारी के द्वारा राज्य प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट इसी तरफ इशारा करती है।
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद तबरेज अंसारी 17/18 जून की रात अपने दो साथियों नुमैर अली और शेख इरफान के साथ कमल महतो नाम के आदमी के घर में चोरी की नीयत से घुसा था। इसी दौरान घर के लोग जग गये और उन्होंने शोर मचाया। इसके बाद ग्रामीणों ने चोरों को पकड़ने का प्रयास किया। इस कोशिश में मोहम्मद तबरेज आलम ग्रामीणों के हाथ लग गया जबकि उसके दो साथी नुमैर अली और इरफान वहां से भागने में कामयाब रहे। लगभग 2:30 बजे रात घटी इस घटना के बाद ग्रामीणों ने तबरेज की पिटाई की।
इस घटना में अहम सवाल यह उठाया जा रहा है कि तबरेज की पिटाई का मामला 18 जून को सामने आया था। उसके बाद पहले उसकी प्राथमिक चिकित्सा और बाद में सदर अस्पताल में चिकित्सा भी कराई गई थी। इस दौरान उसे ऐसी किसी गंभीर चोट लगने की बात अब तक सामने नहीं आई है जिससे उसकी जान को खतरा हो सकता था। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि चार दिनों के बाद अचानक उसकी तबीयत खराब कैसे हुई जो उसकी मौत का कारण बनी। (22 जून को ही सरायकेला-खरसावां के कार्यपालक दंडाधिकारी के सामने तबरेज के शव का पोस्ट मोर्टेम किया गया। पोस्ट मोर्टेम की विडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद तबरेज का शव उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया था।)
घटना में मृतक तबरेज के परिवार वालों ने धात की डीह गांव के पप्पू मंडल और अन्य के विरुद्ध लिंचिंग करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। 22 जून को ही पप्पू मंडल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके अगले ही दिन 23 जून को सरायकेला के पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की विस्तृत जांच की थी और घटना पर लापरवाही बरतने के कारण चंद्रमोहन उरांव और विपिन बिहारी सिंह को निलंबित कर दिया गया था। 24 जून की सुबह इस घटना के अन्य आरोपियों कमल महतो, सोनामु प्रधान, प्रेम चंद माहली और भीम मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी भी इस पर सधी हुई प्रतिक्रिया दे रही है। झारखंड निवासी भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदेश वर्मा ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि ‘जय श्री राम’ न कहने पर पिटाई होने का मामला बेहद निराशाजनक है और लोकतंत्र में किसी को भी ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि घटना में जो भी दोषी होंगे उन्हें कानून के मुताबिक कड़ी सजा दी जायेगी। अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।