फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण फैलने में तब्लीगी जमात का भी नाम, 22 हजार लोग हुए क्वारंटीन

विज्ञापन
Tablighi Jamaat Coronavirus (Demo) - फोटो : PTI
विज्ञापन

देश में कोरोना वायरस के कुछ मामले के सामने आने के बाद सरकार ने 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी जिसके बाद स्थिति काबू में हो गई है। कई राज्यों से कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने बंद हो गए थे लेकिन तब्लीगी जमात के कारण देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते 24 घंटे में 15 मौतें हुई हैं, जिनमें कई जमात से जुड़े हैं। मंत्रालय ने कहा कि एक गलती की वजह से संक्रमण इतनी तेजी से बढ़ा है। इस बीच, देश में मरीजों की संख्या बढ़कर 2,902 हो गई है, जबकि 68 लोग जान गंवा चुके हैं। मृतकों में 21 तब्लीगी जमात से जुड़े हैं।

विज्ञापन

2,902 में से 1,023 संक्रमित तब्लीगी जमात से जुड़े

तब्लीगी जमात - फोटो : ANI
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि तब्लीगी जमात से जुड़े कोरोना के मामले करीब 22 राज्यों में मिले हैं जिनमें उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, केरल, बिहार, मेघालय, प. बंगाल, मध्यप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और हरियाणा समेत कुछ और राज्य शामिल हैं।   इस लिस्ट में दिल्ली का भी नाम है| देश में खबर लिखे जाने तक कोरोना से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 2,902 है जिनमें से तब्लीगी जमात से संबंधित मामले 1,023 हैं। तब्लीगी जमात के संपर्क में आए करीब 22 हजार से अधिक लोगों को क्वारंटीन किया गया है। 1-3 अप्रैल के बीच देश में कोरोना के 1,162 मामले सामने आए हैं जिनमें 647 तब्लीगी जमात से जुड़े हैं यानी औसत निकालें तो 50 फीसदी से अधिक मामले तब्लीगी जमात से जुड़े सामने आए हैं।

तब्लीगी जमात में कहां से पहुंचा कोरोना?

Tablighi Jamaat - फोटो : PTI
माना जा रहा है कि फरवरी में मलेशिया में एक तब्लीगी जमात का आयोजन हुआ था जिसमें दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से कुछ भारतीय सदस्यों ने हिस्सा लिया था और संभवतः इन्हीं सदस्यों की वजह से दिल्ली में आयोजित जमात में कोरोना पहुंचा। 27 फरवरी को, कुआलालंपुरमें भी सेरी पेटालिंग मस्जिद में करीब 16,000 लोग इकट्ठा हुए थे जिनमें से 620 से अधिक लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। इस आयोजन के बाद लोग कोरोना को मलेशिया से लेकर अपने-अपने देशों में पहुंचे।

मरकज में 21 मार्च के बाद मौजूद थे करीब 1,530 लोग

corona virus - फोटो : अमर उजाला
गृह मंत्रालय के मुताबिक, 21 मार्च के बाद तक मरकज में करीब 1530 भारतीय नागरिक मौजूद थे। इनमें से तमिलनाडु के करीब 500, असम के करीब 216, यूपी के करीब 156, महाराष्ट्र के करीब 108, मध्यप्रदेश के करीब 107, बिहार के करीब 86, पश्चिम बंगाल के करीब 73, तेलंगाना के करीब 55, झारखंड के करीब 40, कर्नाटक के करीब 40, उत्तराखंड के करीब 30, हरियाणा के करीब 20, अंडमान निकोबार के करीब 21, राजस्थान के करीब 19, हिमाचल प्रदेश, केरल और ओडिशा के करीब 15-15, पंजाब के करीब नौ, जम्मू और कश्मीर दोनों जगहों से करीब सात और मेघालय के पांच लोग हैं। तेलंगाना में जहां मरकज में आए पांच लोगों की मौत हुई वहीं, कश्मीर में एक की जान गई। इस शख्स के चलते  राज्य में 855 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। ये आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। अब केंद्र, राज्य सरकारों और इंटेलीजेंस के लिए इन्हें ढूंढ निकालना बड़ी चुनौती है। अगर एक-एक की स्वास्थ्य जांच नहीं हुई तो ये कितना घातक साबित होगा बताने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन

निजामुद्दीन मामले में 960 विदेशियों को ब्लैकलिस्ट

जमात-ए-हिंद इस्लामी का मुख्यालय (फाइल फोटो)
बता दें कि तब्लीगी जमात निजामुद्दीन मामले में 960 विदेशियों को ब्लैकलिस्ट और जमात से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने के कारण उनका पर्यटक वीजा रद्द कर दिया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित राज्यों के डीजीपी को तब्लीगी जमात निजामुद्दीन मामले में 960 विदेशियों के खिलाफ विदेशी अधिनियम 1946 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। 960 लोगों में चार अमेरिकी, नौ ब्रिटिश, छह चीनी, 379 इंडोनेशियाई, 110 बांग्लादेशी, 63 म्यांमार और 33 श्रीलंकाई नागरिक शामिल हैं। किर्गिस्तान 77, मलयेशियाई 75, थाई 65, वियतनामी 12, नौ सऊदी और तीन फ्रांसीसी नागरिकों को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है और उनका वीजा रद्द कर दिया गया है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें