गुजरात के सालंगपुर हनुमान मंदिर में विवादास्पद भित्ति चित्र लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद स्वामीनारायण संप्रदाय भगवान हनुमान का विवादास्पद चित्र हटा देगा। इसकी जानकारी उन्होंने सोमवार को दी।
बोटाद के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के कुछ भित्ति चित्रों में, पूज्य भगवान को सहजानंद स्वामी के भक्त के रूप में दिखाया गया है। कई पंथों में विभाजित स्वामीनारायण संप्रदाय सहजानंद स्वामी (1781-1830) को भगवान स्वामीनारायण के रूप में संदर्भित करता है।
यह है विवाद का कारण
सौराष्ट्र के बोटाद जिले में एक हनुमान मंदिर स्थित है। हाल ही में, मंदिर परिसर में भगवान हनुमान की एक 54 फीट की विशाल मूर्ति स्थापित है। मंदिर की दीवारें भित्तिचित्र से ढंकी हुई हैं। इन्हीं में से एक भित्तिचित्र में दिखाया गया है कि भगवान हनुमान शिष्य के रूप में सहजानंद स्वामी जी के सामने घुटने पर बैठे हुए हैं। बता दें, सहजानंद स्वामी (1781-1830) स्वामीनारायण संप्रदाय के ईष्ठ हैं। संप्रदाय सहजानंद स्वामी को भगवान स्वामीनारायण के रूप संदर्भित करता है। हनुमान मंदिर का प्रबंधन संप्रदाय के वडताल गाडी गुट द्वारा किया जाता है।
मुद्दा सुलझाने के लिए गुजरात के सीएम से की मुलाकात
हिंदू धार्मिक नेता पिछले एक सप्ताह से इन भित्तिचित्रों को हटाने की मांग कर रहे हैं और कुछ ने शीघ्र ऐसा नहीं किए जाने पर कार्रवाई की धमकी दी है। सूत्रों ने बताया कि सोमवार को संप्रदाय के कुछ प्रमुख नेताओं ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की।
विश्व हिंदू परिषद ने सोमवार शाम को शिवानंद आश्रम में एक बैठक आयोजित की, जिसमें विभिन्न हिंदू संतों और चैतन्य शंभू महाराज सहित संप्रदाय के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। बैठक के बाद शिवानंद आश्रम के स्वामी परमात्मानंद सरस्वती ने कहा कि विवादास्पद भित्ति चित्र मंगलवार को सूर्योदय से पहले हटा दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि न्य सभी मुद्दों को हल करने के लिए सनातन हिंदू धर्म और स्वामीनारायण संप्रदाय के विभिन्न पंथों के संतों के बीच निकट भविष्य में एक बैठक आयोजित की जाएगी। इस आश्वासन के बावजूद, कुछ हिंदू संत असंतुष्ट दिखाई दिए और उन्होंने आगे की राह पर चर्चा करने के लिए सुरेंद्रनगर के लिंबडी शहर में देश भर के संतों की मंगलवार को एक बैठक आयोजित करने का फैसला किया।