प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने कहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य भरोसे के काबिल नहीं हैं। वह न तो नेता जी (मुलायम सिंह) के हुए और न ही मायावती के। बसपा छोड़ने के बाद उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। शिवपाल शुक्रवार को बिठूर में आयोजित बिठूर-परियर पुल के लोकार्पण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
अखिलेश से मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है। पार्टी में केवल लोहिया की विचारधारा मानने वालों को ही शामिल किया जाएगा। सपा में मुख्तार अंसारी को नहीं, उनके भाई अफजाल अंसारी को शामिल किया गया है। वह पहले भी सपा में रह चुके हैं।
जवाहर बाग हिंसा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में शिवपाल ने कहा कि जवाहरबाग को कब्जा मुक्त कराने केआदेश 2014 में उन्होंने ही दिए थे। इस पर रामवृक्ष ने मुलायम सिंह, मुख्यमंत्री अखिलेश और उन पर एफआईआर तक दर्ज करा दी थी। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के कारण जवाहर बाग मामले में कार्रवाई देर से हुई।
कैराना की रिपोर्ट हुकुम सिंह और संगीत सोम की देन
शिवपाल यादव ने कैराना की घटना पर कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा नेताओं ने नए शिगूफे छोड़ने शुरू किए हैं। कैराना की रिपोर्ट हुकुम सिंह, संगीत सोम आदि भाजपा नेताओं ने बनाई। सपा ने निष्पक्ष जांच के लिए संतों को कैराना भेजा था। वहां ऐसी कोई बात नहीं मिली। भाजपा सांप्रदायिक पार्टी है। प्रदेश में बसपा खत्म हो चुकी है। सपा ही 2017 में सरकार बनाएगी।