बसपा छोड़ कर सपा में जाने का संकेत देने वाले वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को भाजपा के उत्तर प्रदेश के प्रभारी ओम माथुर से मुलाकात कर सूबे में नए सियासी समीकरण का संकेत दे दिया।
बताते हैं कि दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात में स्वामी के भाजपा में प्रवेश, नई पार्टी बना कर भाजपा से गठबंधन सहित कई अन्य विकल्पों पर विस्तृत बातचीत हुई। इस क्रम में स्वामी की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी मिलने की चर्चा है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।
सूत्रों का कहना है कि बातचीत के नतीजे का पता एक जुलाई को चलेगा। स्वामी इसी दिन लखनऊ में रैली के सहारे शक्ति प्रदर्शन करने वाले हैं।
भाजपा के अतिविशिष्ट सूत्रों के मुताबिक फिलहाल स्वामी की नई भूमिका पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। यह भी तय नहीं है कि वह भाजपा का दामन थामेंगे या कोई और विकल्प आजमाएंगे। हालांकि पार्टी की ओर से उनकी हर मांग को पूरा करने का भरोसा दिया गया है।
भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि पिछड़ी जाति के कद्दावर और बसपा प्रमुख मायावती के बेहद नजदीकी रहे मौर्य अगर पार्टी में शामिल होते हैं तो इससे अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उसकी ताकत बढ़ेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले स्वामी की सपा में जाने और 27 जून को अखिलेश सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा थी। इसी बीच गुरूवार को स्वामी ने सपा और भाजपा पर एक साथ हमला बोल कर सभी को चौंका दिया। हालांकि इसके बाद जिस प्रकार उन्होंने दिल्ली में आ कर भाजपा नेताओं से मुलाकात की, उससे स्वामी की भाजपा से समीकरण बनने के कयासों को बल मिला है।
Published By Rahul Sankrityayan