बसपा छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार दोपहर यहां सूरसदन प्रेक्षागृह में सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती पर न सिर्फ टिकटें बेचने का बल्कि डा. भीमराव अंबेडकर के मिशन और कांशीराम के सामाजिक परिवर्तन आंदोलन का सौदा करने का आरोप लगाया। कहा, बसपा में दलित और पिछड़ों की बजाय थैलीशाहों को टिकट दी जा रही है। कांशीराम के निधन के बाद से मायावती में बदलाव आया है, उन्होंने दलित कार्यकर्ताओं के सम्मान को अमीरों के यहां गिरवी रख दिया है। मायावती द्वारा रिजेक्टेड कहे जाने पर स्वामी प्रसाद ने कहा इसका जवाब जनता देगी।
लोकतांत्रिक बहुजन मंच के मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन में बसपा सुप्रीमो को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि रिजेक्टेड कौन है, यह 2017 के विधानसभा चुनाव में जनता बता देगी। उनके पार्टी छोड़ने से मायावती कितनी घबरा गई हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री को मंडलीय रैलियां करनी पड़ रही हैं। स्वामी प्रसाद ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कल तक जो बसपा नंबर एक पर थी, उनके पार्टी छोड़ने के बाद लोग उसे नंबर तीन पर मानने लगे हैं।
उन्होंने मायावती पर टिकट देने के लिए आर्थिक मानक तय करने का आरोप लगाया। बसपा में दलित दावेदार को 25 लाख में, पिछड़े को 50 लाख और सामान्य को एक करोड़ में टिकट दी जा रही है। कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिर्फ उन्हीं कार्यकर्ताओं से मिलती हैं जो लाखों रुपये की थैली लेकर जाता है। खुद को दलितों की देवी कहने वाली मायावती अब बहुत महंगी हो गई हैं। कांशीराम के निधन के बाद मायावती बसपा को मजबूत करने की बजाय खुद को मजबूत करने में जुट गई हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के सम्मान की खातिर उन्होंने बसपा छोड़ी।
22 सितंबर को करेंगे ऐतिहासिक रैली
स्वामी प्रसाद मौर्या
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मौर्य ने कहा 22 सितंबर को लखनऊ में वह ऐतिहासिक रैली करने जा रहे हैं। पिछड़ों के बल पर मायावती जिस रैली स्थल पर लाखों लोगों को संबोधित करने का दंभ भरती हैं, उस रिकॉर्ड को वह तोड़ेंगे। स्वामी प्रसाद ने बसपा छोड़ने के बाद सपा में न जाने का कारण बताते हुए कहा कि सपा में समाजवाद की परिभाषा बदल गई है। वहां अपराधियों का बोलबाला है। परिवारीजनों के चलते अखिलेश भी लाचार मुख्यमंत्री साबित हो रहे हैं। अंबेडकर के मिशन को मोदी पूरा कर रहे हैं। विदेशों में भी अंबेडकर की ख्याति बढ़ाई है। चुनावों में कम समय रह जाने की वजह से नई पार्टी नहीं बनाई। ऐसे में अपने समर्थकों के सम्मान के खातिर वह भाजपा में आए। उन्होंने कहा कि भाजपा में दलित और पिछड़ों का भविष्य सुरक्षित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मायावती को प्रदेश के दलितों की चिंता नहीं है। वह गुजरात के दलित मामले को उछालने में लगी हैं। भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. एसपी सिंह बघेल, पूर्व मंत्री विनय शाक्य व भगवती सागर, पूर्व विधायक डा. रामबाबू हरित, अजय यादव आदि मौजूद थे। सभी वक्ताओं ने समर्थकों से 22 सितंबर को लखनऊ में होने वाली रैली में पहुंचने की अपील की।
आगरा के कुछ विधायक संपर्क में: मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य
बसपा से अलग हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा को डूबता हुआ जहाज बताया। कहा कि उनके पार्टी छोड़ने के बाद से कई विधायक, पूर्व सांसद बृजेश पाठक और कई वरिष्ठ नेता बसपा छोड़ चुके हैं। यह क्रम अभी जारी रहेगा।
सम्मेलन के बाद प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आगरा के भी बसपा के कुछ विधायक और वरिष्ठ नेता उनके संपर्क में हैं। समय आने पर इसकी घोषणा की जाएगी। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, इस पर मौर्य का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व इसका फैसला करेगा, वह सामान्य कार्यकर्ता की तरह से पार्टी के कार्यों में जुटे हैं। मायावती के खिलाफ टिकट बेचने के उनके पास काफी साक्ष्य हैं, समय आने पर वह इसका खुलासा करेंगे।