नोटबंदी के दौर में कैशलेस अर्थव्यवस्था का भारी लाभ उठा रही पेटीएम कंपनी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। चीन के साथ संबंधों को लेकर कंपनी पहले से ही विवादो में हैं। तो संघ की संस्था स्वदेशी जागरण मंच ने कंपनी पर निशाना साध दिया है। पेटीएम के सभी पहलूओं के अध्ययन के बाद स्वदेशी जागरण मंच सरकार से लेकर जनता के बीच कंपनी के खिलाफ आवाज उठाएगा।
पेटीएम को बढ़ावा देने के मामले को लेकर स्वदेशी जगारण मंच जल्द ही सरकार से सवाल कर सकता है कि वह पेटीएम को इतना बढ़ावा क्यों दे रही है। तो जनता को भी वह पेटीएम के खिलाफ जागरूक करेगा। मंच को पेटीएम के मुखिया विजय शेखर शर्मा की दलिले भी रास नहीं आई हैं। चीनी कंपनी अलीबाबा के साथ रिश्तों को लेकर निशाने पर आ रहे शेखर शर्मा ने मारूती कंपनी का उदाहरण देते हुए अपना बचाव किया है। उन्होंने कहा है कि सूजूकी के साथ रिश्तों के बावजूद भी जिस तरह मारूती भारतीय कंपनी है, ठीक उसी तरह उनकी कंपनी पेटीएम भी शुद्ध रूप से भारतीय है।
मगर संघ के संगठन स्वदेशी जागरण मंच को पेटीएम प्रमुख विजय शेखर शर्मा की दलीलें रास नहीं आई हैं। स्वदेशी जगारण के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा है कि मारूती की आड़ लेकर पेटीएम का चीनी कंपनी के साथ रिश्तों का बचाव उचित नहीं है। मारूती से जुड़ी कंपनी सूजूकी जापान की है तो पेटीएम के साथ जुड़ी अलीबाबा चीन की कंपनी है।