राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचत अभियान भारत की विदेशी राष्ट्रों पर निर्भरता कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने में मदद करेगा। मंच की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री द्वारा अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई उपायों का आह्वान करने के बाद आई है। इन उपायों में ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करना शामिल है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्र पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रतिकूल प्रभाव से लोगों को बचाने का प्रयास कर रहा है।
पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने से देश को होगा लाभ
एक बयान में, स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा कि ये सभी उपाय आयात पर निर्भरता कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से हैं। उन्होंने कहा, कि पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने से देश को दोहरा लाभ मिलेगा। इससे न केवल बहुमूल्य विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि आपूर्ति में व्यवधान से होने वाली कमी से प्रभावी ढंग से निपटने में भी मदद मिलेगी।
पश्चिम एशिया संघर्ष के संदर्भ में, महाजन ने बताया कि उनका संगठन लंबे समय से लोगों से आयातित तेल और गैस पर निर्भरता कम करने का आग्रह कर रहा है। इसका उद्देश्य आपूर्ति में व्यवधान और बढ़ती कीमतों के प्रभाव को न्यूनतम करना है। प्रधानमंत्री के आह्वान से इस दिशा में और गति मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
महाजन ने भारत के लिए दीर्घकालिक समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा, विशेष रूप से नवीकरणीय और हरित ऊर्जा के स्रोतों में। इसके लिए स्वच्छ प्रौद्योगिकियों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना आवश्यक है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन, उनके मोटर और बैटरी जैसे घटक शामिल हैं।
सौर ऊर्जा उपकरण, जिसमें सौर सेल भी शामिल हैं, और पवन ऊर्जा उपकरण भी महत्वपूर्ण हैं। हरित हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी। महाजन ने स्वच्छ प्रौद्योगिकियों, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों, हरित हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा को अपनाने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री का स्वदेशी आह्वान
महाजन ने कहा, प्रधानमंत्री की सशक्त अपील का राष्ट्रीय मानसिकता पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। यह न केवल लोगों को पेट्रोलियम उत्पादों की खपत कम करने के लिए प्रोत्साहित करेगा, बल्कि वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों के नए विकल्प तलाशने के लिए भी प्रेरित करेगा। रविवार को हैदराबाद में तेलंगाना भाजपा द्वारा आयोजित एक रैली में, मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कई सुझाव दिए थे। उन्होंने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो सेवाओं का उपयोग करने और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की बात कही। इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने और पार्सल आवाजाही के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने का भी सुझाव दिया गया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घर से काम करने को भी एक विकल्प बताया, खासकर पश्चिम एशिया संकट के बीच।