संदेशखाली मामले में पश्चिम बंगाल में विपक्षी पार्टी भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार पर जमकर हमला बोला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेश के बाद पीड़ितों से मिलने जाएंगे। शुभेंदु के अलावा केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संदेशखाली में ‘रिपोर्टिंग' कर रहे एक टेलीविजन पत्रकार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर आड़े हाथ लिया।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने टीएमसी की निंदा करते हुए कहा, 'महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, पश्चिम बंगाल सरकार मीडिया पर अंकुश लगाकर प्रेस की स्वतंत्रता को खत्म करने की कोशिश कर रही है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।'
टेलीविजन चैनल 'रिपब्लिक बांग्ला' के एक रिपोर्टर को पश्चिम बंगाल पुलिस उस समय ले गई जब वह संदेशखाली में घटनाक्रम पर रिपोर्टिंग कर रहा था।
ठाकुर ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री शासित राज्य संदेशखाली में महिलाओं की तकलीफों पर आंखें मूंद रहा है। उत्तर 24-परगना जिले के संदेशखाली में बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जबरदस्ती जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाए जाने से तनाव हो गया है।
पीड़ितों से मिलने जाएंगे शुभेंदु अधिकारी
इस बीच भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह मंगलवार को हिंसाग्रस्त संदेशखली का दौरा करेंगे और पीड़ितों के परिवारों से मिलेंगे। अधिकारी ने कहा, अनुमति (हाईकोर्ट से) 12 फरवरी को भी दी गई थी, लेकिन सरकार ने धारा 144 लागू कर दी। आज मुझे हाईकोर्ट से संदेशखाली जाने की विशिष्ट अनुमति मिली है और मैं कल वहां जाऊंगा और पीड़ितों के परिवारों से मिलूंगा।
उन्होंने कहा कि कई भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, मैं पीड़ितों के परिवार के सदस्यों के साथ-साथ गिरफ्तार किए गए भाजपा कार्यकर्ताओं से भी मिलूंगा। हम 10 फरवरी से उनसे मिलने की कोशिश कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि कल ऐसा होगा।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रदर्शनकारियों से मिलने में बाधा पैदा कर रही हैं, जिनमें से कई महिलाएं हैं। इन महिलाओं ने तृणमूल से जुड़े तीन लोगों पर संदेशखाली में जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।